महाराष्ट्र की सियासत को लेकर आम आदमी पार्टी का सियासी हमला, भाजपा-कांग्रेस के संबंधों पर साधा निशाना
Sandhyamidday@नईदिल्ली। आम आदमी पार्टी ने चुनावी बिसात की जमावट को लेकर एक बार फिर कदमताल शुरू की है। पार्टी ने सियासी अंगड़ाई भरी है। पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल भी आगे के चुनावों को देखते हुए रिलोडेड हो रहे हैं। केजरीवाल ने कहा है कि महाराष्ट्र में भाजपा-कांग्रेस खुले में हाथ मिलाते दिख रहे हैं।
आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस और बीजेपी के गठबंधन पर तीखा हमला करते हुए कहा कि अपने ही सहयोगी शिंदे सेना को हराने के लिए बीजेपी ने कांग्रेस से गठबंधन कर लिया? बीजेपी और कांग्रेस अब खुले में हाथ मिलाते दिख रहे हैं। जो पार्टियां देशभर में एक-दूसरे को सबसे बड़ा दुश्मन बताती हैं, वही सत्ता के लिए एक-दूसरे के सहारे खड़ी नजर आ रही हैं।
महाराष्ट्र के ठाणे जिले की अंबरनाथ नगर परिषद में जो हुआ, उसने इस राजनीतिक सच्चाई को सबके सामने रख दिया है। यहां पोस्ट-पोल समीकरणों में बीजेपी और कांग्रेस ने मिलकर बीजेपी के गठबंधन सहयोगी शिंदे सेना को सत्ता से बाहर कर दिया।
अंबरनाथ नगर परिषद के घटनाक्रम पर सवाल
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अंबरनाथ नगर परिषद के घटनाक्रम पर तीखा सवाल उठाया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि अपने ही गठबंधन सहयोगी शिंदे सेना को हराने के लिए क्या बीजेपी ने कांग्रेस के साथ हाथ मिला लिया? केजरीवाल ने इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल करते हुए पूछा कि आखिर यह सब चल क्या रहा है और जनता को किस तरह की राजनीति दिखाई जा रही है।
अनुराग ढांडा ने भी बीजेपी और कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला
इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने भी बीजेपी और कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट में कहा कि पहले बीजेपी और कांग्रेस प्रेमी–प्रेमिका की तरह छुप-छुप कर मिलते थे, लेकिन अब उनका रिश्ता पूरी तरह सार्वजनिक हो चुका है। ढांडा ने सवाल किया कि क्या यह देश के लोगों की आंखों में धूल झोंकने जैसा नहीं है।
अंबरनाथ नगर परिषद में बीजेपी और कांग्रेस का पोस्ट-पोल में साथ आना यह साफ दिखाता है कि मंचों से एक-दूसरे को कोसने वाली पार्टियां सत्ता के लिए किसी भी हद तक जा सकती हैं। राष्ट्रीय स्तर पर एक-दूसरे पर देशद्रोह और सांप्रदायिकता के आरोप लगाने वाली ये पार्टियां स्थानीय स्तर पर सत्ता हासिल करने के लिए एक-दूसरे का हाथ थाम लेती हैं।
मिलीभगत को उजागर
आम आदमी पार्टी का कहना है कि यह पूरा घटनाक्रम बीजेपी–कांग्रेस की मिलीभगत को उजागर करता है। जनता के सामने विरोध का नाटक और पर्दे के पीछे सत्ता की साझेदारी यही पुरानी राजनीति का असली चेहरा है। सवाल यह है कि अगर ये पार्टियां सच में एक-दूसरे की विरोधी हैं, तो फिर सत्ता के वक्त यह गठजोड़ क्यों?
‘यह देशभर की राजनीति पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है’
यह मामला सिर्फ महाराष्ट्र तक सीमित नहीं है। यह देशभर की राजनीति पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है कि क्या जनता को लगातार गुमराह किया जा रहा है। आम आदमी पार्टी ने साफ कहा है कि ऐसी राजनीति के खिलाफ सच और ईमानदारी की लड़ाई जारी रहेगी।

