India’s exports to China have increased, and the US is also keeping a close eye on the situation; a trade deal could be in the works.
- अमेरिका से भारत की ट्रेड डील पर पॉजीटिव हालात, दूसरी ओर चीनी बाजार पर बढ़ी भारतीय धमक
Sandhyamidday@नईदिल्ली। अमेरिका के टैरिफ की ठसक के बीच भारत का चीन में निर्यात बढ़ा है। इससे भारत के निर्यात पर अमेरिका की नजरें भी टिक गई है। उस पर अमेरिका के टैक्स बढ़ाने के बावजूद अमेरिकी बाजार में भी भारत के निर्यात में बढ़ोत्तरी हुई है। इसलिए हालात ऐसे हैं कि भारत के बढ़ते निर्यात के कारण अमेरिका से ट्रेड डील हो सकती है।
दिल्ली के वाणिज्य भवन में केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के सचिव राजेश अग्रवाल के ट्रेड डाटा जारी करने के बाद इसके संकेत मिले हैं। अग्रवाल ने भी अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर सकारात्मक संकेत दिए हैं। अग्रवाल ने कहा कि दोनों पक्षों को लगता है कि एक व्यापार समझौता संभव है। दिसंबर में इस पर केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और संयुक्त राज्य व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जेमिसन ग्रीर के बीच एक वर्चुअल बैठक आयोजित की गई थी।
भारत का निर्यात बढ़ा
दिसंबर 2025 में भारत का व्यापार घाटा 25 अरब अमेरिकी डॉलर दर्ज हुआ है, जबकि भारत का निर्यात 1.87 प्रतिशत से बढक़र 38.5 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है। वहीं भारत का आयात बढक़र 63.55 अरब अमेरिकी डॉलर हुआ, जो दिसंबर 2024 में 58.43 अरब डॉलर था। नवंबर 2025 में भारत का व्यापार घाटा 24.53 अरब अमेरिकी डॉलर रहा था। निर्यात 19.37 38.13 अरब अमेरिकी डॉलर और आयात 62.66 अरब अमेरिकी डॉलर का रहा था। चालू वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान देश का निर्यात 2.44 प्रतिशत बढक़र 330.29 अरब अमेरिकी डॉलर रहा।
चीनी बाजार पर भारतीय धमक
चीन को होने वाले भारतीय निर्यात में 2025 के दौरान सालाना आधार पर 5.5 अरब डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं इस अवधि में व्यापार घाटा 116.12 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। 2025 में द्विपक्षीय व्यापार भी 155.62 अरब डॉलर के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। चीन को होने वाला भारतीय निर्यात पिछले साल जनवरी से दिसंबर के बीच बढक़र 19.75 अरब डॉलर हो गया।

