अमृत रेखा एप का होगा उपयोग
स्वच्छ जल अभियान का हुआ औपचारिक शुभारंभ
दो चरणों में 31 मई तक निरंतर चलेगा स्वच्छ जल अभियान
Sandhyamidday@भोपाल। मध्यप्रदेश के इंदौर के भागीरथपुरा में पीने का पानी पीने से मौतों के बाद अब अजब-गजब कदम उठना तय हो गए हैं। दरअसल, सरकार अब रोबोट से पाइप लाइन में लीकेज की जांच कराने का दावा कर रही है। मौतों पर बवाल के बाद सुधार के कदमों के तहत यह कदम उठाने के दावे किए गए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को सागर जिले के प्रवास से लौटने के पश्चात राज्य विमान तल के सभा कक्ष में उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित किया। यहां इस पर निर्देश दिए गए हैं। यहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ जल पेयजल उपलब्ध करवाना नगरीय निकायों का दायित्व है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में स्वच्छ जलप्रदाय सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर प्रदेश के नगरीय निकायों के पदाधिकारियों को स्वच्छ पेयजल प्रदाय के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार सभी लोगों को शुद्ध पेयजल के लिए बेहतर प्रबंधन के लिए प्रतिबद्ध है। जनप्रतिनिधि और अधिकारी सभी मिलजुलकर अपने दायित्व का कुशल निर्वहन करें, हमेशा यही प्रयास रहेगा। वीडियो कॉन्फ्रेंस में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित अनेक निकायों के महापौर और अध्यक्ष शामिल हुए।
अभियान के दो चरण-
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में स्वच्छ जल अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। स्वच्छ जल अभियान को दो चरणों में आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रथम चरण 10 जनवरी से 28 फरवरी और द्वितीय चरण एक से 31 मार्च के मध्य संचालित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जहां कहीं पाइपलाइन में लीकेज हैं उन्हें सुधारते हुए आम जनता को स्वास्थ्य की दृष्टि से सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाया जाए। घर-घर स्वच्छ जल पहुंचाएं। इस कार्य में नगरीय निकाय विभाग द्वारा एप का उपयोग प्रारंभ किया जाना सराहनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि स्वच्छ पेयजल प्रदाय के कार्य में ढलाई बरते जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। वीसी में सभी महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, कमिश्नर्स, कलेक्टर्स, कमिश्नर्स नगरनिगम, सीईओ जिला पंचायत के साथ सभी नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र के जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
स्वच्छ जल अभियान के मुख्य बिन्दु-
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीसी के माध्यम से, जल सुरक्षा, जल संरक्षण और जल सुनवाई के महती उद्देश्य के लिये “स्वच्छ जल अभियान” 10 जनवरी 2026 से लांच किया।
• “जल सुनवाई” से आम जनता को मिलेगा सुनवाई का हक और होगी साफ़ पेयजल की सुनिश्चितता।
• अभियान के क्रियान्वयन के लिये जन जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता का लक्ष्य।
• अभियान के तहत समस्त जल शोधन यन्त्र और पेयजल संग्रहण टंकियों की होगी सफाई, जीआईएस मैप आधारित एप से होगी निगरानी।
• पेयजल पाइप लाइन में दूषित मिश्रण को रोकने की होगी कारवाई।
• जीआईएस मैप पर वाटर पाइप लाइन और सीवेज पाइप लाइन की मैपिंग की जायेगी, इंटर पाइंट सेक्शन का होगा चिन्हांकन और लीकेज की होगी जांच।
• रोबोट से होगी पाइप लाइन में लीकेज की जांच ।
• समस्त पेयजल स्त्रोत की गुणवत्ता का होगा परीक्षण।
• अल्पकालीन और दीर्घकालीन उपायों के माध्यम से नागरिकों को साफ़ पीने का पानी उपलब्ध करवाना सुनिश्चित किया जाएगा।
• जल की गुणवत्ता का नियमित होगा परीक्षण।
• एसटीपी की भी होगी नियमित निगरानी।
• हर मंगलवार होगी “जल सुनवाई”।
• 181 पर पेयजल संबंधी शिकायतों को दर्ज करने की विशेष व्यवस्था।
• पेयजल की समस्या से संबंधित आवेदन पत्र का निराकरण समय-सीमा में, निराकरण से आवेदक को अवगत करवाया जाएगा ।
मुख्यमन्त्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश-
- हमारी जवाबदारी है कि हम साफ़ जल घर-घर तक पहुँचाएं।
- तकनीक का उपयोग करते हुए जवाबदारी का निर्वहन करेंगे।
- रेंडम सेम्पलिंग अच्छा प्रयास है।
- बड़ी चुनौती है, लेकिन गंभीरता से सामना करेंगे और देश में एक आदर्श प्रस्तुत करेंगे।
- सीएम हेल्पलाइन का उपयोग भी कारगर प्रयास है।
- पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच हो।
- दूषित होने पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
- किसी भी स्थित में दूषित पेयजल सप्लाई न हो।
- जल सुनवाई का गंभीरता से आयोजन हो।
- अभियान के क्रियान्वयन में लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुध्द कड़े कदम उठाए जाएंगे।
गुणवत्ता की जांच-
अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने प्रजेंटेशन द्वारा जल सुरक्षा, जल संरक्षण और जल सुनवाई के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। प्रजेंटेशन में यह भी बताया गया कि सूचना माध्यमों से भी निरंतर जनजागरूकता की गतिविधियां संचालित होंगी। समय-समय पर जल नमूनों के लेने के साथ ही जल उपभोक्ताओं को मामूली शुल्क पर जल की गुणवत्ता की जांच की सुविधा भी प्राप्त होगी। स्वच्छ भारत अभियान से भी गतिविधियों को जोड़ा जाएगा और स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग के अमले की सेवाएं भी प्राप्त की जाएंगी।

