back to top
Monday, February 23, 2026
spot_img
HomeBreakingकांग्रेस का नया कदम : तीन महीने के फेलोशिप कार्यक्रम की भी...

कांग्रेस का नया कदम : तीन महीने के फेलोशिप कार्यक्रम की भी घोषणा, दस युवा वकीलों को मिलेगा सांसदों के साथ काम करने का मौका

कांग्रेस ने जमीनी स्तर पर पार्टी सदस्यों को कानूनी सहायता प्रदान करने की पहल शुरू की

http://A three-month fellowship program has also been announced, giving ten young lawyers the opportunity to work with parliamentarians.

अजय माकन व अभिषेक सिंघवी ने की कांग्रेस के चार बड़े कार्यक्रमों की घोषणानई दिल्ली, 22 फरवरी

Sandhyamidday@नई दिल्ली। कांग्रेस ने पार्टी की मुख्यधारा से युवा वकीलों को जोड़ने, पूर्व में सक्रिय कानूनी नेटवर्क को पुनर्जीवित करने, जमीनी स्तर पर पार्टी सदस्यों को कानूनी सहायता प्रदान करने और आरटीआई कानून को बचाने के लिए चार बड़े कार्यक्रमों की घोषणा की है।

नई दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए कांग्रेस कोषाध्यक्ष अजय माकन और कानून, मानवाधिकार एवं आरटीआई विभाग के चेयरमैन डॉ अभिषेक मनु सिंघवी ने इसकी जानकारी दी।

डॉ. सिंघवी ने बताया कि पार्टी ने तीन महीने का एक फेलोशिप कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत दस युवा वकीलों को चुना जाएगा, जो सांसदों को सहयोग देंगे। इसका उद्देश्य कांग्रेस के नेताओं की अगली पीढ़ी को संसद में विपक्ष की भूमिका को समझने का मौका देना है।

डॉ. सिंघवी ने कहा कि उनका विभाग कम से कम दस-एपिसोड की पॉडकास्ट श्रृंखला- “न्याय, नेता और नागरिक” भी लॉन्च करेगा। यह श्रृंखला कानूनी दिग्गजों के साथ-साथ उभरते हुए वकीलों को समाज और कानून से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखने का मंच प्रदान करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पहल यह सिर्फ कांग्रेस तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को भी इसमें अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। ऐसे समय में जब असहमति को अक्सर खारिज कर दिया जाता है, इसका उद्देश्य असहमति को जगह देना और समाज के ज्वलंत मुद्दों को उठाना होगा। यह संवैधानिक वार्तालाप को पुनर्स्थापित करने का प्रयास है, जिसमें नागरिक, न्याय, संविधान और नेताओं को केंद्र बिंदु बनाकर चर्चा की जाएगी। इस श्रृंखला के प्रथम एपिसोड में सिंघवी स्वयं शामिल हैं, जो शीघ्र ही जारी होगा। इससे संवाद की जीत और दमन की हार का संदेश देने का प्रयास होगा।

कांग्रेस नेता ने कहा कि इसी तरह, पार्टी एक रैपिड रिस्पॉन्स फोर्स बना रही है। इसके तहत हर जिले में कम से कम 5-7 वकीलों और कानून के जानकार ऐसे लोगों का डेटाबेस तैयार किया जा रहा है, जो ज्वलंत मुद्दों पर कांग्रेस का पक्ष मजबूती से रख सकें और आवश्यकता पड़ने पर पार्टी के नेताओं को कोर्ट में मदद कर सकें। यह कार्यक्रम विशेष रूप से जमीनी स्तर पर सक्रिय स्थानीय नेताओं को क़ानूनी सहयोग देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है, जो विशेषकर भाजपा-शासित राज्यों में धमकी और दबाव का सामना कर सकते हैं। इसमें कांग्रेस से जुड़े या सहानुभूति रखने वाले लोग (लेकिन जरूरी नहीं कि पार्टी सदस्य) शामिल होंगे। साथ ही एक डिजिटल डायरेक्टरी बनाई जा रही है, जिसमें पूरे देश के कानूनी सहयोगियों के संपर्क विवरण होंगे। इससे “कोर्ट से जमीन तक” हर जिले में एक कानूनी ढाल तैयार होगी। सिंघवी ने कहा कि 80 प्रतिशत प्राथमिक सूची तैयार हो चुकी है।

उन्होंने बताया कि आरटीआई कानून एक क्रांतिकारी परिवर्तन लेकर आया था, लेकिन आज इसे लगातार कमजोर किया जा रहा है। जब पारदर्शिता को घोंटने का काम किया जा रहा है, तो ये जरूरी हो जाता है कि इस कानून की मूल भावना और उसकी मजबूती को पुनर्स्थापित करने के लिए एक संरचित राष्ट्रीय संवाद शुरू किया जाए। इसलिए निकट भविष्य में इस विषय पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन की घोषणा की जाएगी। इसमें पूर्व सूचना आयुक्तों, न्यायविदों, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों, आरटीआई कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और नीति विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाएगा। इसका उद्देश्य आरटीआई ढांचे की वर्तमान स्थिति का गंभीर मूल्यांकन करना, संस्थागत एवं विधायी कमियों की पहचान करना और कानून को सशक्त बनाने के लिए ठोस सुझाव तैयार करना है। सम्मेलन के अंत में एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसमें निष्कर्ष और सिफारिशें शामिल होंगी। इस रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाएगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments