back to top
Sunday, November 30, 2025
spot_img
HomeBreakingदेश में क्रांतिकारी पहल, अब कक्षा तीन से पढ़ाया जाएगा एआई कोर्स

देश में क्रांतिकारी पहल, अब कक्षा तीन से पढ़ाया जाएगा एआई कोर्स

मद्रास आईआईटी के प्रोफेसर कार्तिक की अध्यक्षता में बनाई कमेटी, यह कमेटी डिजाइन करेंगी एआई कोर्स

http://Artificial Intelligence (ai) course will be started from class 3 in all the schools of the country and it will be started teaching from the next academic session.

Sandhyamidday@Newdelhi@ केंद्र सरकार उपदेश में बड़ी पहल करने जा रही है। इसके तहत देश के सभी स्कूलों में कक्षा तीन से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी आई कोर्स शुरू किया जाएगा। अगले ही शिक्षा सत्र से इसे पढ़ना शुरू कर दिया जाएगा।

इसके लिए आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर कार्तिक रमन की अध्यक्षता में विशेषज्ञ कमेटी गठित कर दी गई है। यह कमेटी अब एआई कोर्स को लेकर पूरा रोडमैप फायनल करेगी। नईदिल्ली में गुरुवार को स्कूल शिक्षा की परामर्श बैठक रखी गई। इसमें सीबीएसई, एनसीईआरटी, केवीएस, एनवीएस और बाहरी विशेषज्ञों सहित विशेषज्ञ निकाय शामिल हुए। इसमें केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने एआई और कम्युनिकेशन थिंकिंग कोर्स विकसित करने के लिए यह विशेषज्ञ कमेटी गठित करने का फैसला लिया। यह कमेटी प्रोफेसर कार्तिक की अध्यक्षता में बनाई गई। कमेटी ही तय करेगी कि बच्चों को आसानी से एआई व कम्प्यूटेशनल थिंकिंग कैसे पढ़ाना डिजाइन करें। इसके हिसाब से ही संसाधन सामग्री, हैंडबुक, डिजिटल संसाधन और अन्य सहयोगी सामग्री विकसित की जाएगी। इसके अलावा शिक्षक प्रशिक्षण करने को लेकर भी पूरी प्लानिंग होगी।

बैठक में डीओएसईएल सचिव संजय कुमार ने कहा कि नीति निर्माताओं के रूप में हमारा काम न्यूनतम सीमा निर्धारित करना और बदलती जरूरतों के आधार पर उसका पुनर्मूल्यांकन करना है। एआई में शिक्षा को हमारे आसपास की दुनिया (टीडब्ल्यूएयू) से जुड़े एक बुनियादी सार्वभौमिक कौशल के रूप में माना जाना चाहिए। कोर्स व्यापक-आधारित, समावेशी और एनसीएफ एसई 2023 के अनुरूप होना चाहिए। सूचना एवं प्रौद्योगिकी संयुक्त सचिव प्राची पांडे ने कहा कि निर्धारित समय सीमा में कोर्स तैयार होना चाहिए।

एआई पढ़ाने से देश की शिक्षा में बड़ा बदलाव होगा। माध्यमिक शिक्षा में अलग से इसके कोर्स रखे जाते हैं। प्राथमिक शिक्षा स्तर पर इसे अभी तक नहीं पढ़ाया जाता था। अब इसे शामिल करने से तकनीक को बढ़ावा मिलेगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments