back to top
Thursday, February 5, 2026
spot_img
HomeBreakingराहुल गाँधी पर शिवराज का सियासी हमला, बोले- संसद की सीढ़ियों पर...

राहुल गाँधी पर शिवराज का सियासी हमला, बोले- संसद की सीढ़ियों पर ‘छिछोरे कमेंट्स’

http://Shivraj Singh Chouhan’s political attack on Rahul Gandhi, says he made shallow comments on the steps of Parliament.

प्रधानमंत्री पद की गरिमा से खिलवाड़; कांग्रेस पर शिवराज सिंह का करारा हमला

‘आप आरोप लगाइए, हमें बोलने मत दीजिए?’ – डील पर बहस से भाग रहा है विपक्ष- शिवराज सिंह

इंडो‑यूएस ट्रेड डील: कृषि और डेयरी पर कोई समझौता नहीं, किसान हित पूरी तरह सुरक्षित – शिवराज सिंह चौहान

‘किसान हित सर्वोपरि’, मुख्य अनाज, मिलेट्स, फल और डेयरी उत्पादों पर कोई खतरा नहीं- शिवराज सिंह

टैरिफ घटने से चावल, मसाले और टेक्सटाइल निर्यात को मिलेगा बल, कपास किसानों की आय बढ़ेगी- शिवराज सिंह

यूएस फार्म प्रोडक्ट्स पर संशय निराधार, वाणिज्य मंत्री ने संसद में स्थिति स्पष्ट की हैं- शिवराज सिंह

विपक्ष ‘झूठ की मशीन’ और ‘अफवाहों का बाजार’, किसानों के नाम पर अराजकता फैलाने की कोशिश- शिवराज सिंह चौहान

Sandhyamidday@नई दिल्ली@भारत‑यूएस ट्रेड डील को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे भ्रामक आरोपों के बीच केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया है कि इस समझौते में भारतीय कृषि, विशेषकर कृषि और डेयरी सेक्टर के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यह डील प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में डिप्लोमेसी, डेवलपमेंट और डिग्निटी का नया उदाहरण है और प्रधानमंत्री ने शुरू से साफ कर दिया था कि किसान हित सर्वोपरि हैं।

दिल्ली में आज मीडिया से चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमारे मुख्य अनाज, फल, प्रमुख फसलें, मिलेट्स और डेयरी उत्पाद पूरी तरह सुरक्षित हैं और भारतीय कृषि या डेयरी पर किसी तरह का खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों के हित पूरी तरह संरक्षित हैं और इस समझौते से उल्टा भारत के किसानों को नए अवसर मिलेंगे।

छोटे किसानों की चिंता और यूएस फार्म प्रोडक्ट्स पर स्थिति स्पष्ट

इस आशंका पर कि देश की 50 प्रतिशत से ज्यादा आबादी खेती पर निर्भर है और छोटे किसानों पर असर पड़ सकता है, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि कोई “बड़ी चीज़” भारत के बाजार में अचानक नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि हमारी सभी मुख्य फसलें, मुख्य अनाज, फल और डेयरी उत्पाद सुरक्षित हैं और किसी भी ऐसे क्षेत्र के लिए बाजार नहीं खोला गया है, जो भारतीय किसानों के लिए नुकसानदेह हो सके।

यूएस ट्रेजरी सेक्रेटरी के उस ट्वीट से पैदा संशय पर, जिसमें अमेरिकी फार्म प्रोडक्ट्स के ज़्यादा भारत आने की बात कही गई थी, चौहान ने कहा कि वाणिज्य मंत्री श्री पीयूष गोयल ने संसद में पूरे तथ्य स्पष्ट कर दिए हैं और वे स्वयं भी दोहरा रहे हैं कि छोटे और बड़े, सभी भारतीय किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं और मुख्य कृषि उत्पादों के लिए बाजार इस प्रकार नहीं खोला गया है कि किसानों पर दबाव बने।

चावल, मसाले और टेक्सटाइल निर्यात को नया बल

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि भारत पहले से ही अमेरिका सहित विभिन्न देशों को चावल का बड़ा निर्यातक है और हाल के आंकड़ों के अनुसार लगभग 63,000 करोड़ रुपये के चावल का निर्यात किया गया था।
उन्होंने कहा कि टैरिफ कम होने से हमारे चावल, मसालों और टेक्सटाइल के निर्यात को बल मिलेगा और जब टेक्सटाइल एक्सपोर्ट बढ़ेगा तो इसका सीधा लाभ कपास उगाने वाले हमारे किसानों को होगा। श्री चौहान ने कहा कि यह समझौता समग्र रूप से भारत के किसानों के हित में है और विपक्ष द्वारा भ्रम फैलाने के बावजूद तथ्य यही हैं कि किसान हित सुरक्षित हैं और निर्यात के नए अवसर खुल रहे हैं।

विपक्ष पर तीखा प्रहार: ‘झूठ की मशीन’ और ‘अफवाहों का बाजार’

राहुल गांधी और विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष मानसिक रूप से कुंठित और हताश‑निराश हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि एक के बाद एक चुनावी हार ने उन्हें अंधा विरोध करने की मानसिकता में धकेल दिया है और अब वे किसानों के नाम पर झूठ और अफवाहों का सहारा ले रहे हैं। कृषि मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष “झूठ की मशीन” और “अफवाहों का बाजार” बन चुका है, जो अफवाहें फैलाकर अराजकता का वातावरण तैयार करना चाहता है, जबकि वास्तविक तथ्य किसानों के हित में हैं।

नेता प्रतिपक्ष द्वारा लोकतंत्र और संसदीय मर्यादाओं का अपमान

मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री चौहान ने संसद में विपक्ष के रवैये पर गहरी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लगभग 35 वर्ष की संसदीय राजनीति, छह बार विधायक और छह बार सांसद रहने तथा 12 चुनाव जीतने के अनुभव में उन्होंने ऐसा व्यवहार कम ही देखा है, जैसा इन दिनों संसद की सीढ़ियों पर देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का संसद की सीढ़ियों पर बैठकर “छिछोरे कमेंट्स” करना, किसी मंत्री को “गद्दार” कहना और “सरेंडर” जैसे शब्दों का प्रयोग करना लोकतंत्र और संसदीय मर्यादाओं का अपमान है।

चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक संस्था और देश के गौरव हैं; उनके प्रति इस तरह की भाषा और आचरण प्रधानमंत्री पद की गरिमा से खिलवाड़ है, जिसे देश स्वीकार नहीं करेगा।

‘अगर विपक्ष बोलने ही नहीं देगा तो समझाया कैसे जाएगा’

जब यह सवाल उठा कि विपक्ष कह रहा है कि अगर ट्रेड डील कर रहे हैं तो सरकार आकर फाइन प्रिंट को संसद और देश के सामने समझाए, तो कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने पलटकर पूछा कि अगर विपक्ष बोलने ही नहीं देगा तो समझाया कैसे जाएगा। उन्होंने याद दिलाया कि वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को संसद में बोलने से रोका गया और खुद उन्होंने आधी रात के बाद 1:30 बजे तक विपक्ष के नेताओं को धैर्यपूर्वक सुना था।

चौहान ने कहा कि “आप आरोप लगाइए और जवाब देने नहीं दीजिए, यह कौन‑सी लोकतांत्रिक परंपरा है?” उन्होंने दोहराया कि डील की सारी डिटेल्स समय पर सामने आएंगी, लेकिन उसका मूल साफ है – किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं।‘

किसान अन्नदाता, किसानों की सेवा भगवान की पूजा’

कृषि मंत्री ने चिंता जताई कि कृषि का क्षेत्र इतना बड़ा है कि किसी भी तरह की अफवाह से किसानों में अनावश्यक चिंता और बेचैनी पैदा हो सकती है, इसलिए सरकार की ओर से स्पष्ट आश्वासन देना जरूरी है। उन्होंने कहा, “मैं एक बार फिर कहना चाहता हूँ, किसान अन्नदाता हैं, अन्नदाता मतलब जीवनदाता। उनके हित ही देश के हित हैं और वे हित सुरक्षित हैं।”

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भावुक शब्दों में कहा कि किसानों की सेवा सरकार के लिए भगवान की पूजा के समान है और मोदी सरकार हर कदम पर किसान के पक्ष में खड़ी रहेगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments