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Wednesday, February 4, 2026
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वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग जारी : India बेहाल,टॉप-100 में सिर्फ एक कॉलेज को जगह, अमेरिका-ब्रिटेन-चीन आगे

http://World University Rankings released: India fares poorly, only one college makes it to the top 100, while the US, UK, and China lead.

sandhyamidday@Newdelhi@ वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में भारत की हालत बेहाल नजर आ रही है। अमेरिका, ब्रिटेन और चीन भारत से बहुत आगे हैं। भारत के सिर्फ एक बेंगलुरु के संस्थान को ही टॉप 100 यूनिवर्सिटी में जगह मिल पाई है।

World University Rankings released: India fares poorly, only one college makes it to the top 100, while the US, UK, and China lead.

टाइम्स हायर एजुकेशन (THE) ने दुनिया की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी 2026 की लिस्ट जारी कर दी है. इस रैंकिंग में भारत के IISc Bengaluru को टॉप 100 में जगह मिली है. THE की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, जहां अमेरिका और ब्रिटेन वैश्विक सूची में अपना दबदबा बनाए हुए हैं, वहीं 2026 के आंकड़ों से मालूम चलता है कि चीन कंप्यूटर साइंस, इंजीनियरिंग और फिजिक्स के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी दर्ज कर रहा है.

दुनिया की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी रैकिंग में भारत की स्थिति एक बार फिर से सवालों के घेरे में है. टाइम्स हायर एजुकेशन (THE) वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग बाय सब्जेक्ट 2026 ने टॉप 100 यूनिवर्सिटी की लिस्ट जारी कर दी है. इसके नतीजे बताते हैं कि वैश्विक स्तर पर जहां अमेरिका और ब्रिटेन का दबदबा कायम है, वहीं एशियाई देशों खासतौर पर चीन और सिंगापुर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. इस बीच भारत की मौजूदगी अब भी बहुत ज्यादा नहीं दिखाई दे रही है. 

कंप्यूटर साइंस जैसे जरूरी विषय में टॉप 100 में जगह बनाने वाला भारत का केवल एक ही संस्थान शामिल है, जो भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु है. वहीं, कंप्यूटर साइंस की फील्ड में IISc के बाद 251-300 रैंक में एमिटी यूनिवर्सिटी और 301-400 रैंक के बीच जामिया मिलिया इस्लामिया को जगह मिली है. 

इस साल जारी लिस्ट में THE ने अलग-अलग सब्जेक्ट के आधार पर विश्वविद्यालय की रैंकिंग जारी की गई है. इनमें IISc के अलावा कोई भी भारतीय विश्वविद्यालय किसी भी विषय में टॉप 100 में शामिल नहीं हुआ है. रिपोर्ट बताती है कि रिसर्च से जुड़े मामलों में भारत अभी चीन, सिंगापुर, हांगकांग, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे एशियाई देशों से पीछे है. लेकिन भारत ने रिसर्च आउटपुट और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के फील्ड में विकास किया है पर अभी तक लगातार टॉप 50 या टॉप 20 में अपनी जगह नहीं बना पाई है. 

कायम है अमेरिका और ब्रिटेन का दबदबा 

जारी हुई इस रैंकिंग में अमेरिका और ब्रिटेन का दबदबा एक बार फिर देखने को मिला. मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) दुनिया का सबसे प्रभावशाली संस्थान के रूप में सामने आई है.  MIT ने आर्ट्स और ह्यूमैनिटीज, बिजनेस और इकोनॉमिक्स और सोशल साइंस तीनों सब्जेक्ट में पहला स्थान हासिल किया है. वहीं, अमेरिका ने कुल 11 में से 8 सब्जेक्ट में पहला स्थान हासिल किया है. ब्रिटेन ने 
साइकोलॉजी समेत 3 सब्जेक्ट में पहला स्थान दर्ज किया है. कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय ने 2022 के बाद पहली बार साइकोलॉजी में पहला स्थान हासिल किया है. 

चीन का दिखा मजबूत प्रदर्शन

वहीं, इस साल चीन ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है. चीन ने सभी विषयों में टॉप 10 में कुल 7 स्थान हासिल किए, जो पिछले साल के 4 स्थानों से ज्यादा है. पेकिंग विश्वविद्यालय ने पहली बार कंप्यूटर साइंस  के टॉप 10 में जगह बनाई, जबकि Tsinghua University ने फिजिक्स में पहली बार टॉप 10 में अपनी जगह बनाई है. इसके साथ ही बिजनेस और अर्थशास्त्र में भी एशियाई विश्वविद्यालयों ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है.

इस बेसिस पर रैंकिंग होती है तैयार 

THE की यह रैंकिंग 11 सब्जेक्ट्स में विश्वविद्यालयों की जांच करती है. इसमें पढ़ाई की गुणवत्ता, रिसर्च, ज्ञान साझा करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने जैसे 18 मानकों को देखा जाता है और रैकिंग दी जाती है. 

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