वेटिंग, वेटिंग और वेटिंग..! ट्रेन की टिकट हो या हवाई जहाज की, फिलहाल होली पर बुकिंग में वेटिंग जैसा हाल दिख रहा है। इसका फायदा उठाकर कुछ रूट पर हवाई जहाज में किराया बढ़ा भी दिया गया है।
sandhyamidday@newdelhi@ मार्च के पहले सप्ताह में होली के चलते जमीन से आसमान तक यातायात में हाउसफुल की स्थिति हो गई है। ट्रेन भी फुल है और हवाई जहाज भी। वही हवाई जहाज में सफर का किराया भी कुछ रूट पर दोगुना हो गया है इसकी वजह पूरे देश में होली पर अपने घर लौटने वाले और वापसी के लिए लोगों की बढ़ती संख्या है।
3 मार्च को होलिका दहन होगा और 4 मार्च को रंग बरसेगा इसलिए इन दो दिनों पर घर लौटने वालों की तादाद बढ़ने के कारण यातायात हाउसफुल हो रहा है। दिल्ली, मुंबई और दक्षिण भारत से आने वाली राप्तीसागर, गोरखपुर-यशवंतपुर, लखनऊ-चेन्नई एक्सप्रेस ट्रेनों की हर क्लास में चार मार्च को छोड़कर एक से 11 मार्च तक वेटिंग हैं। दिल्ली से कानपुर आने वाली 12802 पुरुषोत्तम एक्सप्रेस में दो मार्च की रात का एसी थर्ड का टिकट ही नहीं बन रहा है, क्योंकि वेटिंग अधिक होने से रिग्रेट हो गया है। इसी तरह दो मार्च को रात में ब्रह्मपुत्र मेल से दिल्ली से कानपुर आने में एसी थ्री और स्लीपर में रिजर्वेशन बंद हो गए हैं। इसी तिथि में श्रमशक्ति के स्लीपर क्लास में वेटिंग ढाई सौ पार तो एसी थ्री में 70 पार है। वेटिंग टिकट वाले अब वीआईपी कोटा या दूसरे जुगाड़ लगाने में लगे हैं।
यूपी के कानपुर के चकेरी के रहने वाले नमन एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। होली पर घर आना चाहते हैं लेकिन किसी भी ट्रेन में कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहा है। इसी तरह महाराजपुर के रहने वाले सुरेंद्र पाल गुजरात के सूरत में काम करते हैं। उन्हें भी किसी ट्रेन में कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहा है। यह समस्या केवल इन दो लोगों की ही नहीं, नौकरी के सिलसिले में बाहर रह रहे हजारों लोग परेशान हैं। क्योंकि नियमित ट्रेनों के किसी श्रेणी में एक से 11 मार्च तक कन्फर्म टिकट नहीं है। फ्लाइटों का किराया भी आसमान पर है। मुंबई, अहमदाबाद, दिल्ली और बेंगलुरू से आने वाली फ्लाइटों का किराया दो और तीन मार्च को दो से तीन गुना है। आम दिनों में दिल्ली का टिकट 4400, बेंगलूरू, अहमदाबाद, मुंबई का टिकट 5600 से 6400 रुपये तक रहता है।

