स्वाभिमान और स्वराज के प्रतीक भगवान बिरसा मुंडा और अमर शहीद छीतू किराड़ की प्रतिमा के अनावरण का अवसर मिलना सौभाग्य का विषय
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प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जनजातीय गौरव पुन: अपनी प्रतिष्ठा के साथ स्थापित हो रहा है
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आलीराजपुर जनजातीय संस्कृति और स्वाभिमान की भूमि है
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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आलीराजपुर को दी 250 करोड़ लागत के 156 विकास कार्यों की सौगात
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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय गौरव दिवस पर आलीराजपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को किया संबोधित
नई दिल्ली/भोपाल@sandhyamidday@मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज का दिन हमारे लिए दीवाली और होली से बढ़कर है। भारत माता के अमर सपूत स्वाभिमान और स्वराज के प्रतीक, जनजातीय अस्मिता के संरक्षक धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती धूमधाम से मनाई जा रही है। पांचवें जनजातीय गौरव दिवस पर, पूर्व से लेकर पश्चिम तक, उत्तर से लेकर दक्षिण तक भारत अपने जनजातीय नायकों की स्मृतियों को पूज रहा है। जनजातियों के पराक्रम और परिश्रम से सजी आलीराजपुर के पावन मिट्टी ने आजादी की लड़ाई के दो अमर योद्धा छीतू किराड़ और शहीद चंद्रशेखर आजाद को जन्मा है। छीतू किराड़ ने 1857 के संग्राम में जनजातीय शक्ति कोसंगठित कर अंग्रेजों को नाकों चने चबवा दिए। भगवान बिरसा मुंडा और अमर शहीद छीतू किराड़ की प्रतिमा के अनावरण का अवसर प्राप्त होना परम सौभाग्य का विषय है। जनजातीय संस्कृति से समृद्ध आलीराजपुर क्षेत्र किसी स्वर्ग से कम नहीं है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश के विकास की अनेक सौगातें मिली हैं। जनजातीय गौरव दिवस पर जनजातीय कल्याण के लिए आलीराजपुर को 250 करोड़ रूपए की लागत से 156 विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। जनजातीय भाई-बहनों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना के 156 कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर आलीराजपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
विकास गतिविधियों और कल्याणकारी योजनाओं पर केन्द्रित प्रदर्शनी का किया अवलोकन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा वंदे मातरम् के समवेत गायन में सहभागिता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान बिरसा मुंडा तथा अमर शहीद छीतू किराड़ की प्रतिमा का अनावरण किया। जिले में संचालित कल्याणकारी योजनाओं और विकास गतिविधियों पर केन्द्रित प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अवलोकन किया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, पूर्व मंत्री श्रीमती रंजना बघेल, सांसद श्रीमती अनीता नागर, प्रदेशाध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल तथा अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में जनजातीय भाई-बहन उपस्थित थीं।
राजा आलिया के नाम पर आलीराजपुर होने से मिली जिले को उचित पहचान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंग्रेजों ने देशवासियों पर अत्याचार और कत्लेआम किए। भगवान बिरसा मुंडा ने जनजातीय समाज को साथ लेकर सशस्त्र विद्रोह कर अंग्रेजों को चुनौती दी। उन्होंने नशा मुक्ति और गौमाता के संरक्षण के लिए भी अभियान चलाया। टंट्या मामा, अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद और शहीद छीतू किराड़ ने मध्यप्रदेश की धरती से आजादी के अभियान को आगे बढ़ाया। आजादी के दीवानों को याद कर हम सब गौरवान्वित अनुभव करते हैं। छीतू किराड़ इस धरती के पराक्रम का प्रतीक थे। उन्होंने अंग्रेजों के कर शोषण और जबरन लगान के खिलाफ साहसिक विरोध किया। अकाल के समय अंग्रेजों के गोदामों से अनाज निकालकर जरूरतमंद परिवारों को बांटा। देश की आजादी में जनजातीय अंचल के नायकों की महत्वपूर्ण भूमिका थी, लेकिन स्वतंत्रता के बाद जनजातीय नायकों को वह सम्मान नहीं दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जनजातीय गौरव पुन: अपनी प्रतिष्ठा के साथ स्थापित हो रहा है। आलीराजपुर जनजातीय संस्कृति और स्वाभिमान की भूमि है। राजा आलिया इस क्षेत्र के स्वाभिमान, नेतृत्व और जनजातीय गौरव के प्रतीक थे। दो माह पहले अलिराजपुर को उसकी उचित पहचान और सम्मान दिलाते हुए राज्य सरकार ने जिले का नाम राजा आलिया के नाम पर आलीराजपुर किया।
विकास और जनकल्याण के लिए हमारी भावना और संकल्प स्पष्ट है
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में आज हर पात्र जरूरतमंद परिवार को पक्के मकान मिल रहे हैं। लाड़ली बहनों की राशि बढ़ाकर हर महीने रक्षाबंधन और भाईदूज मनाई जा रही है। अब बहनों को 1500 रुपए महीने मिलने लगे हैं। विकास और जनकल्याण के लिए हमारी भावना और संकल्प स्पष्ट है। माताएं-बहनें अपनी परवाह न करते हुए पूरे परिवार के भरण-पोषण का ध्यान रखती हैं। बहनें, लाड़ली बहना योजना के पैसों से परिवार की जरूरतें पूरी कर रही हैं, बच्चों की फीस भर रही हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में किसानों को सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। राज्य सरकार भी किसानों को अलग से 6 हजार रुपए का लाभ दे रही है। यह उनके परिश्रम का सम्मान है। प्रदेश के किसानों को भावान्तर योजना के माध्यम से सोयाबीन का उचित दाम मिल रहा है। पात्र किसानों को 15 दिन के अंदर राशि भेज दी गई है। राज्य सरकार गेहूं भी 2600 रुपए प्रति क्विंटल खरीदेगी।
पीले मोजैक से फसलों को हुए नुकसान के लिए किसानों को 45 करोड़ रूपए का मुआवजा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आलीराजपुर जिले की प्रत्येक पंचायत में मनरेगा के माध्यम से बनने वाले 20-20 कुओं को परीक्षण के बाद बिजली आपूर्ति से जोड़ने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जिले में पीले मोजैक से फसलों को हुए नुकसान के लिए किसानों को 45 करोड़ का मुआवजा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लगभग 200 करोड़ रूपए की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इसके अंतर्गत 11 करोड़ रूपए की अधिक से लागत से निर्मित पलास पानी तालाबा और मसनी बैराज, 6 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित उच्च स्तरीय पुल, 3 सांदीपनि विद्यालय, 12 जनजातीय सीनियर छात्रावास, 2 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और 2 सामूहिक स्वास्थ्य केन्द्र, बालक/बालिका छात्रावास एवं स्कूल भवन, एक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, 7 उप स्वास्थ्य केन्द्र और आई.पी.एच.एल लैब शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 50 करोड़ रूपए लागत के 51 विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया।
आलीराजपुर को मिली विकास की अनेक सौगातें – मंत्री नागर
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में आलीराजपुर जिला निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। यहां 150 से अधिक गांवों को सिंचाई के लिए अब नर्मदा का पानी मिल रहा है। आलीराजपुर को विकास की अनेक सौगातें मिली हैं। कपिलधारा योजना के अंतर्गत जिले में 50 हजार से अधिक कुएं बने हैं। इनसे सिंचाई का रकबा बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कृषि प्रधान आलीराजपुर जिले में विद्युत व्यवस्था के विस्तार की आवश्यकता बताई। मंत्री श्री नागर ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के कल्याण के लिए सदैव तत्पर है। वरिष्ठ विधायक तथा प्रदेशाध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने संकल्पों के बल पर अंग्रेजी शासन की नींव हिला दी थी।

