bullet train in India: Bullet train will run from Mumbai to Ahmedabad in 2029 and from Chennai to Hyderabad in 2040.
Sandhyamidday@Newdelhi@ भारत में बुलेट ट्रेन का नया युग शुरू होने वाला है। पहले 2023 तक मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन दौड़ना थी, लेकिन इसमें देरी हुई और अब यह 2029 तक शुरू होने की संभावना है। लेकिन दूसरी तरफ चेन्नई-हैदराबाद में भी बुलेट ट्रेन का सपना साकार होने की लाइन पर चल पड़ा है। चेन्नई-हैदराबाद में 778 किलोमीटर की बुलेट ट्रेन दौड़ेगी, जबकि मुंबई-अहमदाबाद प्रोजेक्ट 508 किलोमीटर का है। यानी चेन्नई हैदराबाद की बुलेट ट्रेन ज्यादा लंबा सफर तय करेगी। दोनों की रफ्तार 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रहेगी। खास बात यह कि चेन्नई हैदराबाद प्रोजेक्ट की परिकल्पना ने शुरुआत में ही तेजी पकड़ लिए, जबकि मुंबई अहमदाबाद ट्रेन का प्रोजेक्ट समय से थोड़ा लेट चल रहा है। यह दोनों प्रोजेक्ट आपको बताते हैं।
मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन –
भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर है, जिसकी कुल लंबाई 508 किलोमीटर है। यह ट्रेन अगस्त 2027 में अहमदाबाद और वापी के बीच 100 किलोमीटर के हिस्से पर परिचालन शुरू करेगी, और पूरी तरह से मुंबई-अहमदाबाद के बीच परिचालन 2029 के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है।
खास बातें –
परियोजना का नाम: मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
रूट: गुजरात के अहमदाबाद से महाराष्ट्र के मुंबई तक
कुल दूरी: 508 किलोमीटर
प्रारंभिक परिचालन: अगस्त 2027 में अहमदाबाद और वापी के बीच 100 किलोमीटर के हिस्से पर शुरू होगा।
पूर्ण परिचालन: 2029 के अंत तक पूरी लाइन पर परिचालन शुरू होने की उम्मीद है।
अधिकतम गति: 320 किलोमीटर प्रति घंटा
स्टेशन: इस रूट पर कुल 12 स्टेशन होंगे।
कब तक चलेगी : 2029 संभावित
ये अहम-
इस परियोजना में देरी हुई है, जो पहले 2023 में पूरी होने वाली थी।
– शुरुआती परिचालन में कुछ हिस्सों को ही खोला जाएगा, जो धीरे-धीरे पूरे मार्ग को कवर करेगा।
– बुलेट ट्रेन भारत में हाई-स्पीड परिवहन के एक नए युग की शुरुआत करेगी।
ये गुजरात में 8 स्टेशन पर रुकेगी जिसमें साबरमती, अहमदाबाद, आणंद, वडोदरा, भरूच, सूरत, बिलिमोरा और वापी है। इन स्टेशन के अलावा महाराष्ट्र में 4 स्टेशन पर रुकेगी, जिसमें बोईसर, बिरार, ठाणे और मुंबई शामिल हैं।
अभी ट्रेन का किराया लाइव नहीं है, लेकिन उम्मीद है कि करीबन 2500 से 3000 रु इसका किराया हो सकता है। इसके अलावा हो सकता है कि इन टिकट्स में आम यात्रियों को थोड़ी छूट मिल जाए।
चेन्नई-हैदराबाद बुलेट ट्रेन-
चेन्नई और हैदराबाद के बीच हाई-स्पीड रेल की ऑपरेशनल स्पीड 320 km/h (किलोमीटर प्रति घंटा) होगी, जबकि कॉरिडोर को 350 km/h तक की स्पीड के लिए डिज़ाइन किया जाएगा। यह परियोजना अभी योजना के शुरुआती चरणों में है और इसे लगभग 15 साल में पूरा करने का अनुमान है।
डिजाइन स्पीड: 350 km/h
ऑपरेशनल स्पीड: 320 km/h
कुल रूट : 778 km
कब तक चलेगी: 2040 संभावित
परियोजना की स्थिति: विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है, जिसके लिए राज्य सरकारों से मंजूरी का इंतज़ार है।
यात्रा का समय: इस हाई-स्पीड रेल से यात्रा का समय वर्तमान के लगभग 12 घंटे से घटकर लगभग 2 घंटे 20 मिनट हो जाएगा।
इस बुलेट ट्रेन से 12 घंटे का सफर सिर्फ 2.20 घंटे में होगा पूरा; जान लें रूट
हैदराबाद-चेन्नई हाई-स्पीड रेल परियोजना की फाइनल रिपोर्ट तमिलनाडु सरकार को सौंपी गई है. इस बुलेट ट्रेन से यात्रा का समय 12 घंटे से घटकर मात्र 2.20 घंटे रह जाएगा. तिरुपति स्टेशन सहित, इस परियोजना में तमिलनाडु में 12 किलोमीटर लंबी सुरंग भी शामिल है. 223.44 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है. यह परियोजना यात्रा को सुविधापूर्ण बनाएगी और समय की बचत करेगी.
दक्षिण मध्य रेलवे ने हैदराबाद-चेन्नई हाई-स्पीड रेल परियोजना की अंतिम रिपोर्ट तमिलनाडु सरकार को सौंप दी है. इससे दोनों शहरों के बीच यात्रा में क्रांतिकारी बदलाव आएगा. वर्तमान में, हैदराबाद से चेन्नई तक ट्रेन से यात्रा करने में लगभग 12 घंटे लगते हैं. नई हाई-स्पीड लाइन उपलब्ध होने के बाद, यह समय घटकर केवल 2.20 घंटे रह जाएगा.
तमिलनाडु सरकार के अनुरोध पर गुडूर होते हुए पूर्व योजना में बदलाव किया गया और तिरुपति में एक स्टेशन जोड़ा गया. तमिलनाडु राज्य में कुल दो स्टेशन प्रस्तावित थे. चेन्नई सेंट्रल और चेन्नई रिंग रोड स्टेशन तमिलनाडु में होंगे. हालांकि, व्यापार और परिवहन की सुविधा के लिए, रेलवे ने प्रत्येक स्टेशन के आसपास लगभग 50 एकड़ जमीन का अनुरोध किया है.
किन स्टेशनों से होकर गुजरेगी बुलेट ट्रेन
चेन्नई यूनिफाइड मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी ने कहा है कि सरकार द्वारा व्यापक परियोजना रिपोर्ट को मंजूरी मिलने के एक महीने के भीतर वह अंतिम निर्णय लेगी. इस हाई-स्पीड नेटवर्क में तमिलनाडु में 12 किलोमीटर लंबी सुरंग होगी. रेलवे अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस परियोजना के लिए कुल 223.44 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी, जिसमें से कोई वन भूमि नहीं ली जाएगी. इस मार्ग को लगभग 65 सड़कों और 21 उच्च-तनाव वाली बिजली लाइनों से होकर गुजरेगी. यह परियोजना की रूप रेखा सरकारी परामर्श फर्म राइट्स लिमिटेड द्वारा किए गए सर्वेक्षणों के आधार पर तैयार किया गया है.
यात्रा का समय भी घटेगा
यह दक्षिण में नियोजित दो हाई-स्पीड रूटों में से एक है, दूसरा हैदराबाद-बैंगलोर कॉरिडोर है. रेलवे ने राज्य सरकार से भूमि अधिग्रहण में देरी से बचने के लिए जल्द से जल्द स्थलों को अंतिम रूप देने को कहा है. मंजूरी मिलने के बाद से ही इस परियोजना पर काम शुरू हो जाएगा. इस परियोजना के निर्माण से लोगों को यात्रा करने में सुविधा मिलेगी. वहीं यात्रा का समय भी कम होगा और आसानी भी होगी.
अब विकसित देशोँ के साथ कदम
जापान की शिंकानसेन, चीन की सीआरएच (चाइना रेलवे हाई-स्पीड) और फ्रांस की टीजीवी जैसी बुलेट ट्रेनें काफी समय से हाई-स्पीड ट्रेनों की दुनिया में रफ्तार पकड़े हुई हैं। इन स्पीड वाली ट्रेनों ने ना केवल देश के अंदर यात्रा का तरीका बदल दिया है, बल्कि टूरिज्म पर भी बड़ा असर डाला है। ये ट्रेनें 200 मील प्रति घंटे (करीबन 320 किमी प्रति घंटे) से अधिक की रफ्तार से चल सकती हैं। इनके कारण से इन देशों विदेश दोनों तरह की पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। क्योंकि ये हवाई यात्रा के मुकाबले, स्पीड, कम्फर्ट और पर्यावरण के लिए बेहतर विकल्प देती हैं।

