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Tuesday, February 10, 2026
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प्रियंका सहित महिला सांसदों का स्पीकर को खुला पत्र, हंगामा जारी

http://Priyanka and other women MPs send an open letter to the Speaker. The uproar continues and action is demanded for allowing Rahul to speak his name.

Priyanka and other women MPs send an open letter to the Speaker. The uproar continues and action is demanded for allowing Rahul to speak his name.

Sandhyamidday@Newdelhi@लोकसभा में गतिरोध जारी है. हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही चल नहीं पा रही है. लोकसभा में बजट पर चर्चा की शुरुआत तक नहीं हो सकी है और विपक्ष अब स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में है. स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव से पहले कांग्रेस ने एक नया दांव चला है. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत छह महिला सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखा है. एक महिला सांसद ने प्रिविलेज मोशन का नोटिस दिया है.

लोकसभा में जारी गतिरोध के बीच विपक्ष की महिला सांसदों ने स्पीकर को पत्र लिखकर चेयर पर सरकार की ओर से अपने पक्ष में काम करने का दबाव डालने के आरोप लगाए हैं. विपक्षी सांसदों ने स्पीकर से अपील की है कि निष्पक्ष तरीके से सदन के संरक्षक की भूमिका निभाएं. इस प्रयास में विपक्ष स्पीकर के साथ खड़ा रहेगा और उनका पूरा समर्थन करेगा.

छह महिला सांसदों ने स्पीकर को लिखे पत्र में विपक्ष की महिला सांसदों, खासकर कांग्रेस की सांसदों के खिलाफ असत्य, निराधार और मानहानिकारक आरोप लगाए जाने की शिकायत की है और इस मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग की है. इस पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि सांसदों को किस तरह निशाना बनाया गया और उनके खिलाफ किस तरह से गंभीर आरोप लगाए गए.

स्पीकर को संबोधित अपने शिकायती पत्र में सांसदों ने कहा है कि जब हम आपसे मिले थे, तब हमने न्याय की मांग की थी और यह भी डिमांड की थी कि बीजेपी के इस सांसद को सस्पेंड किया जाए. महिला सांसदों ने पत्र में कहा है कि आपने (स्पीकर ने) उस समय यह स्वीकार किया था कि एक गंभीर गलती हुई है और शाम 4 बजे वापस आने के लिए भी हमसे कहा गया था.

प्रियंका गांधी और अन्य महिला सांसदों ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि स्पीकर ने तब यह भी कहा था कि वह इस मुद्दे पर सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं. महिला सांसदों ने इसे इस बात का प्रतीक बताया कि ऐसे मामलों में स्पीकर अब डिसीजन मेकिंग अथॉरिटी नहीं रह गए हैं. इस पत्र में कांग्रेस की महिला सांसदों के खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि हमारे विरोध-प्रदर्शन शांतिपूर्ण, मजबूत और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के दायरे में रहे हैं.

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