केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडवीया के जन्म स्थान गांव को लेकर केंद्रीय मंत्री शिवराज बोले- पूरा गांव सजा है, श्मशान घाट भी ऐसा कि जो जा रहा है, सोचे कि मन करें कि एक-दो दिन यही रह लूं… जब शिवराज ने यह कहा, तो आसपास के लोग हंस पड़े।
शिवराज सिंह आत्मनिर्भर हणोल महोत्सव-2026 में शामिल, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडवीया का जन्म स्थान है यह गांव
sandhyamidday@Newdelhi@ केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को गुजरात के भावनगर के हणोल गांव की अजब गजब प्रशंसा की। शिवराज बोले कि पूरा गांव सजा है, मन आँनदित है। यहां का शमशान घाट भी ऐसा लगता है कि जो जा रहा है, उसका मन भी हो जाए कि एक-दो दिन और रह लूं यहां पर, तो मैं सचमुच में पूरे गांव को हृदय से बधाई देता हूं। आज मेरे अलावा भी कई अतिथि गांव को देखने आए हैं। यह आदर्श गांव है। इस गांव में जैसी एकता देखने मिलती है, वह आज के युग में बहुत दुर्लभ है। कोई भी जाति हो, धर्म हो, उपासना पद्धति हो, सारे भेदभाव भूल के पूरा हणोल एक है।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान 13 जनवरी, मंगलवार को गुजरात के भावनगर जिले के पालीताणा तालुका स्थित हणोल गांव में आयोजित “आत्मनिर्भर हणोल महोत्सव-2026” में शामिल होने के लिए गुजरात का दौरा करने आए थे। केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का हणोल से आत्मिक और व्यक्तिगत जुड़ाव है, क्योंकि यही उनका जन्म स्थान है और उन्होंने यहां विकास कार्यों की निरंतर समीक्षा कर ग्राम को मॉडल विलेज के रूप में विकसित किया है।
यहाँ शिवराज ने कहा कि गांव का जैसा विकास हुआ है जो अब जब मैंने देखा, चाहे वो यहां अमृत सरोवर हो, यहां के खेल के मैदान हों, चाहे यहां शादी और कार्यक्रम आयोजित करने के लिए भवन बनाया गया हो, पानी का बेहतर उपयोग और पानी को रोक के वाटर लेवल को बढ़ाने का काम हो, गांव की स्वच्छता हो।
यह पूरा गांव सजा हुआ है, लेकिन कोई सरकारी पैसे से नहीं। अपने घर के आगे, अपनी परम्परा अनुसार तोरण द्वार बांधे गए हैं, रांगोली बनाई गई है।
मेरी बेटियां-भांजियां जा रही हैं ज्वारे लेकर, ये एक तारीख को इन्होंने लगाए थे और अब ये ज्वारे यात्रा निकल रही है और पूरा गांव अकेला नहीं, गांव के हमारे स्त्री हों, पुरुष हों, बुजुर्ग हों, नौजवान हों, बेटे हों, बेटियां हों, बच्चे हों, सारे उत्साह से एक हैं अपने गांव को एकदम आदर्श बनाने के लिए।
ये ऐसी पंचायत है जहां कभी चुनाव नहीं होते, मिलकर चुनाव किया जाता है और अमृत सरोवर के आसपास लगाए गए पेड़ मैंने देखे, एक पेड़ लगाने के लिए बारह सौ रुपया। जो पेड़ लगाता है वो देता है ताकि पेड़ सुरक्षित और संरक्षित रहें।
जो एक गरीबीमुक्त, रोजगारयुक्त गांव की कल्पना है, आदर्श गांव की, उसको पूरे देश में साकार करने के लिए इस हणोल का जो मॉडल है, उसका हम पूरा उपयोग करेंगे।
मैं बहुत प्रसन्न हूं, सम्पूर्ण गांव को बधाई देता हूं, हृदय से अभिनन्दन करता हूं, कहते हैं कलयुग है लेकिन यहां तो सतयुग दिखाई दे रहा है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का यह दौरा, डॉ. मांडविया द्वारा विकसित हणोल मॉडल को देशभर में आत्मनिर्भर और आदर्श गांवों के रूप में प्रसार करने की संयुक्त प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा। दोनों केंद्रीय मंत्री हणोल को ग्राम स्वराज, जनभागीदारी और आत्मनिर्भरता के ऐसे प्रेरक उदाहरण के रूप में देखते हैं, जो ग्रामीण भारत के विकास की नई दिशा तय कर सकता है।
चौहान आत्मनिर्भर हणोल महोत्सव-2026 के दौरान किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों, युवाओं और स्थानीय प्रतिनिधियों से संवाद कर हणोल के प्रयोगों और अनुभवों को राष्ट्रीय स्तर पर साझा करने की रूपरेखा पर चर्चा करेंगे। कार्यक्रम में डॉ. मनसुखभाई मांडविया सहित विभिन्न विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में ग्रामीण विकास, कृषि नवाचार, आत्मनिर्भर ग्राम अर्थव्यवस्था और सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़े सत्र एवं गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

