Budget 2026 on MSME: ट्रंप के टैरिफ और चीन की दादागिरी के लिए तैयार भारत, बजट में MSME के लिए बड़े ऐलान, निर्यात पर फोकस, मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा
Sandhyamidday@Newdelhi@ भारत का वित्तीय वर्ष 2026-27 का नया बजट ट्रंप टैरिफ से निपटने और चीन से मुकाबला की तैयारी का बजट है। इस बजट से गरीब, युवा, किसान, महिला जैसे फैक्टर गायब है। इन फैक्टर को साइड लाइन करके अंतरराष्ट्रीय मार्केट से निपटने के लिए भारत ने अपने हाथ मजबूत किए हैं। सबसे बड़ा बदलाव सेमीकंडक्टर चिप से आगे बढ़कर पूरी तरह आत्मनिर्भर भारत बनने की ओर कदम बढ़ाना है। इसमें एमएसएमई का दूसरा चरण लाना सबसे अहम है। इसमें अब भारत आयात को काम करेगा और लोकल प्रोडक्ट्स के बनने पर ज्यादा ध्यान देगा। कुल मिलाकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में ट्रंप टैरिफ की धमक और चीन से मुकाबले के लिए भारत आत्मनिर्भरता की राह को और मजबूत करेगा और आयात को लगातार घटाने की राह पर काम करेगा।
रविवार एक फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए देश का आम बजट पेश कर दिया है. सरकार के खर्चों से लेकर आमदनी का पूरा ब्यौरा साझा किया गया. बजट में हर सेक्टर के लिए कुछ न कुछ ऐलान किए गए हैं. देश की रीढ़ कहे जाने वाले MSME सेक्टर के लिए वित्त मंत्री ने पिटारा खोल दिया है. सरकार ने भारत के माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) को रफ्तार देने के लिए तमाम बड़े ऐलान किए हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि इस बात का बजट कतर्व्य भवन में बना है, इसलिए ये बजट विकास को समर्पित है. बजट 2026 का बजट तीन कर्तव्यों पर आधारित है।
सेमीकंडक्टर बनाने वाली मशीनें और रॉ मटेरियल्स अब भारत में बनाए जाएंगे। यह सबसे बड़ा बदलाव है, क्योंकि ISM 1.0 में मुख्य रूप से चिप फैब्स पर फोकस था। चिप डिजाइन से लेकर पूरा सिस्टम भारतीय बौद्धिक संपदा पर आधारित हो। इससे भारत सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग नहीं, बल्कि हाई-वैल्यू डिजाइन और इनोवेशन में, खासकर एआई चिप्स, इलेक्ट्रिकल व्हीकल्स और डिफेन्स आदि के लिए लीडर बनेगा ।
बजट में ‘ ट्रंप-प्रूफ’ रणनीति साफ दिखती है। पर्सनल यूज आयात पर कस्टम ड्यूटी 20% से 10% घटाई—ट्रेड बैलेंस सुधार और घरेलू खपत बढ़ाने के लिए। ट्रंप के टैरिफ से निपटने के लिए बजट में काउंटर मेजर्स किये गए हैं। ट्रंप टैरिफ के जवाब में भारत ने ट्रंप-प्रूफ स्ट्रैटेजी अपनाई। यूरोपियन यूनियन -इंडिया ट्रेड डील हुई जिसमें 96.6% गुड्स पर टैरिफ कटौती की गई है। टेक्सटाइल, लेदर, जेम्स, मरीन प्रोडक्ट्स पर जीरो टैरिफ।
सरकार ने MSMEs सेक्टर रोजगार, इनोवेशन और एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए बड़े ऐलान किए हैं. ये ऐलान देश की इकोनॉमी को रफ्तार देंगे. जिस तरह से जियोपॉलिटिक्ल टेंशन बढ़ रहे हैं. टैरिफ और ट्रेड वॉर के हालात में देश के उद्योग सेक्टर , मैन्यफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए ये ऐलान किए गए हैं . वित्त मंत्री ने बजट के शुरुआती भाषण में कहा कि भारत को ग्लोबल हब बनाने के लिए तमाम सुधारल किए जाएंगे. सरकार ने कहा है कि बजट का फोकस मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस होगा.MSME के लिए बड़े ऐलान हुए हैं. सरकार ने मैन्युफैक्चरिंग, एक्सपोर्ट, आत्मनिर्भर भारत पर फोकस होगा. वहीं पुराने उद्योगों जो बंद हो चुके है, उनके रिफॉर्म पर फोकस रहेगा . बजट में एमएसएमई सेक्टर के लिए समानता से संबंधित योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
वित्त मंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भरत भारत के लिए 2000 करोड़ के आंवंटित किया गया है . पुराने इंडस्ट्रियल सेक्टर को जिंदा किया जाएगा. लघु उद्योगों को 7000 करोड़ रुपये आंविटत किए जाएंगे. महात्मा गांधी हैंजलूम योजना बनाई जाएगी. सरकार ने 350 से ज्यादा रिफॉर्म्स लागू करेगी. इंफ्रा, MSME और इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए बायोफार्मा पर पॉलिसी बनाने की योजनारखील गई है. इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग पर 40 हजार करोड़ का बजट आवंटित किए गए हैं.
बजट से MSME को क्या थी उम्मीदें, क्या मिला ?
बजट 2026 के ऐलान से पहले इस सेक्टर ने तमाम उम्मीदें लगा रखी थी. उम्मीद थी कि बजट में टैक्सेशन को आसान बनाने के साथ-साथ प्रशासनिक बाधाओं को कम करने, कैश फ्लो को बेहतर बनाने के उपाय होंगे. MSMEs रिफंड प्रोसेसिंग में तेजी लाने की मांग कर रहे थे, एक्सपोर्ट के लिए, ताकि क्लेम में फंसी वर्किंग कैपिटल को इस्तेमाल किया जा सके. MSMEs सेक्टर को GST सुधारों पर जोर रहा.

