98 हजार करोड़ के कर्ज वाली छत्तीसगढ़ सरकार नए वित्तीय वर्ष का बजट आगामी विधानसभा के बजट सत्र में पेश करेगी। इस बार बजट 2 लाख करोड़ तक जाने का अनुमान है।
Sandhyamidday@रायपुर। करीब 98 हजार करोड़ के बोझ तले दबी छत्तीसगढ़ सरकार अब वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट पेश करेगी। विधानसभा के आगामी बजट सत्र में यह बजट अनुमान प्रस्ताव रखा जाएगा। अभी राज्य का बजट 1.65 लाख करोड़ का है, जो पिछले साल बजट सत्र में पेश किया गया था। इस बार बजट 2.00 लाख करोड़ तक जाने का अनुमान है।
छत्तीसगढ़ बजट 2026–27 की तैयारियां तेज, आज से मंत्रालय में मंत्री स्तरीय मंथन शुरू
छत्तीसगढ़ में वर्ष 2026–27 के बजट को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। महानदी भवन स्थित मंत्रालय में आज से मंत्री स्तरीय बजट बैठकों की शुरुआत हो रही है, जो 6 जनवरी से 9 जनवरी तक चलेंगी।
छत्तीसगढ़ में वर्ष 2026–27 के बजट को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। महानदी भवन स्थित मंत्रालय में आज से मंत्री स्तरीय बजट बैठकों की शुरुआत हो रही है, जो 6 जनवरी से 9 जनवरी तक चलेंगी। इन बैठकों में विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी के साथ गहन चर्चा की जाएगी। इस बजट मंथन के दौरान मंत्री अपने-अपने विभागों की नई योजनाओं और प्रमुख बजट मांगों को प्रस्तुत करेंगे। चर्चा के बाद जिन प्रस्तावों पर सहमति बनेगी, उन्हें बजट में शामिल किया जाएगा, जबकि जिन नए मदों पर सहमति नहीं बन पाएगी, उन्हें फिलहाल रोक दिया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से जुड़े विभागों के प्रस्तावों पर चर्चा की तिथि अलग से तय की जाएगी। बैठकों के पहले दिन यानी 6 जनवरी को सुबह 11 बजे उद्योग, आबकारी और श्रम विभाग से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा होगी। इसके बाद दोपहर 12 बजे स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और ओबीसी कल्याण विभाग के प्रस्ताव रखे जाएंगे। दोपहर 2 बजे पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास विभाग तथा दोपहर 3 बजे कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के बजट प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा।
7 जनवरी को सुबह 11 बजे वन, परिवहन, सहकारिता और संसदीय कार्य विभाग के प्रस्तावों पर मंथन होगा। दोपहर 12 बजे राजस्व, स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग के प्रस्ताव रखे जाएंगे। इसके बाद दोपहर 2.30 बजे कृषि, अजाक कल्याण और मछली-पशुधन पालन विभाग तथा शाम 4 बजे वित्त विभाग से जुड़े प्रस्तावों पर निर्णय लिया जाएगा। 8 जनवरी को सुबह 11 बजे लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, खेल एवं युवा कल्याण और नगरीय प्रशासन विभागों के बजट प्रस्तावों पर चर्चा होगी। वहीं दोपहर 2.30 बजे स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग और विधि-विधायी विभागों से जुड़े प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएंगे।
अंतिम दिन 9 जनवरी को दोपहर 12 बजे महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग के प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा, जबकि दोपहर 2 बजे गृह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और आईटी विभाग के नए प्रस्तावों को लेकर बैठक होगी।

