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Sunday, February 22, 2026
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MP में ड्रोन, एआई, स्मार्ट सिंचाई और डिजिटल मार्केटिंग को बढ़ावा

“किसान कल्याण की बात युवाओं के साथ” कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नवाचार और तकनीक से मध्यप्रदेश को अग्रणी कृषि राज्य बनाया जयेगा

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युवा किसान और कृषि क्षेत्र से जुड़े युवा प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से किया संवाद

प्रगतिशील किसानों को किया गया सम्मानित

sandhyamidday@indore@मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युवा, कृषि क्षेत्र में नवाचार और तकनीक के साथ आगे आएंगे तो मध्यप्रदेश न केवल खाद्यान्न उत्पादन में बल्कि कृषि आधारित उद्योगों, जैविक उत्पादों और एग्री-एक्सपोर्ट में भी देश में अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर के बास्केटबाल काम्पलेक्स में एक निजी मीडिया संस्थान द्वारा आयोजित “किसान कल्याण की बात युवाओं के साथ” कार्यक्रम में रूबरू हुए। साथ ही युवा किसानों व विशेषज्ञ किसानों से संवाद किया। कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में युवाओं की भूमिका को सशक्त बनाना, किसान कल्याण की नीतियों पर संवाद स्थापित करना, आधुनिक खेती और तकनीक को बढ़ावा देना था।


मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रश्नों के जवाब में कहा कि मध्यप्रदेश कृषि के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है और राज्य को देश का अग्रणी कृषि राज्य बनाने की दिशा में सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। यह वर्ष कृषि और किसानों को समर्पित कर किसान कल्याण वर्ष मनाया जा रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, किसान, कृषि वैज्ञानिक एवं उद्यमी उपस्थित थे।


कार्यक्रम में युवा किसान और कृषि क्षेत्र से जुड़े युवा प्रतिनिधियों ने कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर मुख्यमंत्री जी से सीधे संवाद भी किया। इस दौरान रोबोट द्वारा भी मुख्यमंत्री जी से कृषि विकास को लेकर प्रश्न किया गया। जिसका जवाब देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से कहा कि यदि वे नई तकनीक, ड्रोन, जैविक खेती, फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्योगों से जुड़ेंगे, तो न केवल अपनी आय बढ़ा सकेंगे बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाएंगे।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कृषि में युवाओं की भागीदारी से उत्पादन, गुणवत्ता और निर्यात में वृद्धि संभव है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों और युवाओं के हित में विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है, जिनका लाभ लेकर युवा आत्मनिर्भर बन सकते हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकते हैं। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फीता काटकर “किसान कल्याण की बात युवाओं के साथ” कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर युवाओं द्वारा लगायी गई कृषि आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया और सराहना की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई तकनीकों—जैसे ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कृषि प्रबंधन, स्मार्ट सिंचाई प्रणाली और डिजिटल मार्केटिंग के माध्यम से कृषि को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। भावांतर योजना के तहत किसानों को समर्थन मूल्य के अंतर की राशि प्रदाय की जा रही है। सरकार द्वारा कृषि स्टार्टअप को प्रोत्साहन, प्रशिक्षण कार्यक्रम, सब्सिडी योजनाएं तथा किसान उत्पादक संगठनों को सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिल सकें।
डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए फसल बीमा, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी, कृषि यंत्रीकरण, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना और निर्यात को बढ़ावा देने जैसे कदम उठा रही है। प्रदेश ने गेहूं, सोयाबीन, चना और अन्य फसलों के उत्पादन में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने बताया कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, नर्मदा परियोजनाओं के माध्यम से जल उपलब्धता बढ़ाने, माइक्रो इरिगेशन को प्रोत्साहन, जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा फसल विविधीकरण जैसी पहलों से किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है। प्रदेश में बिजली की सरप्लस उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। किसानों को 24 घंटे बिजली प्रदाय की जा रही है। सोलर पंप पर सब्सिडी दी जा रही है, जिससे प्रदेश में लगातार सिंचाई के रकबे में वृद्धि हो रही है। आज मध्यप्रदेश में सिंचाई का रकबा 55 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है, जिसे वर्ष 2028 तक 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने कहा कि कृषि अब केवल जीविकोपार्जन का साधन नहीं, बल्कि नवाचार, स्टार्टअप और मूल्य संवर्धन के माध्यम से आर्थिक समृद्धि का मजबूत आधार बन रही है। आज कृषि केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आधुनिक तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप के माध्यम से तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आधुनिक एवं नवाचार आधारित खेती करने वाले प्रगतिशील किसानों का सम्मान भी किया।

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