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Sunday, November 30, 2025
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MP में नया धमाका : सरकारी नौकर हो तो भी बेखौफ करो दो से ज्यादा बच्चे, अब नहीं जाएगी नौकरी

MP में 24 साल पुराना नियम खत्म होगा, अब सरकारी कर्मचारियों को दो से ज्यादा बच्चों पर नौकरी खोने का डर नहीं रहेगा

MP Two Child Policy Removed: Government of Madhya Pradesh is going to abolish the rule of losing job for government employees if they have more than two children.

http://Mohan government of Madhya Pradesh is going to abolish the rule of losing job for government employees if they have more than two children.

Sandhyamidday@bhopal@आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कुछ समय पूर्व ही दो से ज्यादा बच्चे करने के लिए देश के हिंदुओं से आवाहन किया था। इसके बाद अब मध्य प्रदेश की मोहन सरकार सरकारी कर्मचारियों के लिए दो से ज्यादा बच्चे होने पर नौकरी जाने का नियम खत्म करने जा रही है।

मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों पर लागू दो बच्चे की सीमा को हटाने का बड़ा फैसला लिया है. 2001 से लागू यह नियम अब खत्म होने जा रहा है. GAD ने प्रस्ताव मुख्यमंत्री सचिवालय को भेज दिया है और कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही यह लागू हो जाएगा. इस निर्णय से लाखों कर्मचारियों को राहत मिलेगी.

राज्य सरकार ने साल 2001 से चली आ रही दो बच्चे की सीमा को हटाने का निर्णय लिया है. सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने हाल ही में इस प्रतिबंध को पूरी तरह हटाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री सचिवालय को भेज दिया है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जैसे ही कैबिनेट इसकी मंजूरी देगी, नया नियम तुरंत लागू हो जाएगा.

यह प्रतिबंध पिछले 24 साल से लगा हुआ था. इसे हटाने का समय कई लोगों को चौंकाने वाला लगा क्योंकि ठीक एक साल पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने नागपुर में कहा था कि हर परिवार में कम से कम तीन बच्चे होने चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी थी कि बहुत कम बच्चे वाली समाज धीरे-धीरे खत्म हो जाती है और जनसंख्या संतुलन बनाए रखना जरूरी है. मोहन भागवत के इस बयान के दस महीने बाद अक्टूबर 2025 में मध्यप्रदेश सरकार ने संकेत दिया था कि वह दो बच्चे का नियम हटाने का प्रस्ताव कैबिनेट में लाएगी. अब तीन महीने की लंबी चर्चा और वरिष्ठ अधिकारियों के सुझाव के बाद यह प्रस्ताव अंतिम रूप ले चुका है. पड़ोसी राज्य राजस्थान ने यह प्रतिबंध 2016 में और छत्तीसगढ़ ने 2017 में ही हटा दिया था. अब मध्यप्रदेश भी उन्हीं के रास्ते पर चल पड़ा है.

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