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Thursday, January 22, 2026
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MP की पहली ई-कैबिनेट, मोहन सरकार ने शुरू की ई-कैबिनेट, मंत्रियों को बांटे टैबलेट, सीएम ने भी टैबलेट से किया काम

आज से मंत्रालय में ई-कैबिनेट बैठक प्रारंभ हुई।

इस नवाचार के माध्यम से मंत्रि-परिषद से संबंधित समस्त जानकारी डिजिटल रूप में सुलभ होगी

ई-कैबिनेट एप्लीकेशन से फोल्डर वितरण, कागज और समय की बचत होगी। पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों का पालन प्रतिवेदन भी देखा जा सकेगा।

http://Madhya Pradesh’s first e-cabinet meeting: The Mohan government launched the e-cabinet, ministers were given tablets, and the Chief Minister also conducted work using a tablet.

Sandhyamidday@bhopal@ मध्य प्रदेश में पहली बार ई कैबिनेट की शुरुआत की गई है। मोहन सरकार ने मंगलवार से इसकी शुरुआत की। इसके तहत मंत्रियों को टैबलेट बांटे गए और सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने भी टैबलेट के जरिए ही कैबिनेट के एजेंडा पढ़े।


MP Cabinet Meeting: कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया गया कि आज सभी मंत्रियों को टैबलेट वितरित किए गए हैं. आगामी दो कैबिनेट बैठकों के बाद समस्त कार्यवाही टैबलेट के माध्यम से ही संपादित की जाएगी.

मध्यप्रदेश में नववर्ष की पहली कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) की अध्यक्षता में हुई. इस बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. वहीं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में एक नए नवाचार करते हुए आज मंत्रि-परिषद की बैठक में सभी सदस्यों को टैबलेट वितरण किया.

बताया गया कि मंत्रि-परिषद से संबंधित संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कैबिनेट सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जा रहा है. इसके अंतर्गत ई-कैबिनेट की पहल हुई है. ई-कैबिनेट एप्लीकेशन के संबंध में संबंधितों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है. यह एप्लीकेशन आधुनिक तकनीक, पेपरलैस, सुरक्षित और ऐसी गोपनीय प्रणाली है, जिसे मंत्रि-परिषद सदस्य कभी भी और कहीं भी अपनी सुविधा के अनुसार अवलोकन कर सकते हैं.

ये प्रमुख निर्णय

पीएम जनमन योजना की निरंतरता की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) योजना की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2028 तक निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की गई। योजना में अनुमानित व्यय 795 करोड़ 45 लाख रुपये होगा। इसके तहत 1,039 किमी सड़क का निर्माण एवं 112 पुल निर्माण किया जायेगा। यह योजना 22 जिलों में निवासकरने वाली 3 विशेष जनजाति बैगा, भारिया एवं सहरिया के लिए लागू है।

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की निरंतरता की स्वीकृति

मंत्रि- परिषद ‌द्वारा मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की गई। योजनांतर्गत अनुमानित व्यय 17,196 करोड़ 21 लाख रुपये होगा। इसके तहत 20 हजार किमी सड़क और 1200 पुल का निर्माण किया जायेगा।

ग्रामीण सड़कों का नवीनीकरण एवं उन्नयन की स्वीकृति

मंत्रि- परिषद द्वारा मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अंतर्गत निर्मित सड़कों का नवीनीकरण एवं उन्नयन के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की गई। योजनांतर्गत अनुमानित व्यय 10 हजार 196 करोड़ 42 लाख रुपये है। योजना में 88 हजार 517 किमी मार्गों का नवीनीकरण एवं उन्नयन किया जाएगा।

सिंचाई परियोजनाओं को नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के माध्यम से वित्त पोषित करने की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ‌द्वारा नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत सिंचाई परियोजनाओं को त्वरित क्रियान्वयन के लिए नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के माध्यम से वित्त पोषित करने की स्वीकृति प्रदान की गयी।

स्वीकृति अनुसार नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा आरंभ की गई वे परियोजनाएँ जिनका निर्माण कार्य नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड द्वारा वित्तीय व्यवस्था कर पूर्ण कराया जा रहा हैं। उसका सम्पूर्ण स्वामित्व नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड का होगा। इन परियोजनाओं में राज्य शासन द्वारा बजट प्रावधान के माध्यम से व्यय की गई राशि के समतुल्य अंश पूजी कंपनी द्वारा राज्य शासन को जारी किए जाएंगे। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर प्राप्त राजस्व, कंपनी की आय के रूप में ग्रहण किया जाएगा। कंपनी द्वारा वर्तमान में 2 परियोजनाएं वित्त पोषित की जा रही है, जिसमें नर्मदा क्षिप्रा बहुउद्‌देशीय परियोजना लागत 2,489 करोड़ 65 लाख रुपये और बदनावर माइक्रो लिफ्ट इरिगेशन परियोजना लागत 1,520 करोड़ 92 लाख रूपये शामिल है।

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