यूपी की चौदह जेलों में की जाएगी ड्रोन से निगरानी, 22 जेलों को बाडी वार्न कैमरे और 58 को मिलेगी सोलर लाइट
Sandhyamidday@lakhnau@उत्तर प्रदेश की 14 जेलों में अब ड्रोन से सुरक्षा निगरानी की जाएगी, जबकि 22 जेलों को बाडी वार्न कैमरे और 58 जेलों को सोलर लाइट मिलेंगी। महानिदेशक कारागार ने यह व्यवस्था जेलों में भीड़भाड़ और बंदी रक्षकों की कमी के कारण होने वाली मुश्किलों को दूर करने के लिए शुरू की है।
वाराणसी का केंद्रीय कारागार 141 एकड़ में फैला हुआ है जिसमें लगभग 29 एकड़ भूमि में कृषि कार्य किए जाते हैं। यहां ड्रोन के जरिए निगरानी करना आसान हो जाएगा। महानिदेशक कारागार ने 14 जेलों के लिए 14 ड्रोन व 22 जिलों के लिए 110 बाडी वार्न कैमरा व 58 जेलों के लिए सोलर लाइट भी जारी किया है।
बाडी वार्न कैमरे की क्यों पड़ी जरूरत
जेल में किन्हीं परिस्थितियों में बंदी/कैदी की मौत या फिर किसी तरह का बवाल होने पर जेल प्रशासन गंभीर आरोपों से घर जाता है। बंदी रक्षक जब पोर्टेबल डिवाइस रिकार्डंग युक्त कैमरे लगाएंगे तो ड्यूटी और उस दौरान का साक्ष्य भी इकट्ठा होता रहेगा। वर्ष 2025 में एंटी करप्शन टीम के द्वारा पकड़े गए एक डाक्टर की जिला अस्पताल में मौत हो गई थी। दिवंगत चिकित्सक के स्वजन जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाने जड़े थे, जिससे बचाव में जेल प्रशासन को जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों के वीडियो फुटेज जारी करना पड़ा था। बंदी रक्षक भी अब ड्यूटी रक्षकों की ड्यूटी के दौरान की गतिविधियां खुद-ब-खुद रिकार्ड होती रहेंगी।
इन जेलों को मिलेगा ड्रोन कैमरा
वाराणसी, फतेहगढ़, इटावा (सभी केंद्रीय कारागार) के अलावा जिला जेल में अलीगढ़,आगरा, कानपुर नगर, गोरखपुर, जौनपुर, अयोध्या, सुल्तानपुर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, प्रयागराज व मथुरा।
इन 22 जेलों को मिलेंगे पांच-पांच बाडी वार्न कैमरे
आगरा, बरेली, इटावा, वाराणसी (सभी केंद्रीय कारागार), इसके अलावा मेरठ, बुलंदशहर, प्रयागराज, आगरा, फिरोजाबाद, फतेहगढ़, सहारनपुर, बाराबंकी, देवरिया, सुल्तानपुर, शाहजहांपुर, खीरी, झांसी, अयोध्या, श्रावस्ती, प्रतापगढ़, मथुरा, मऊ सभी (जिला कारागार)

