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Tuesday, February 17, 2026
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फांसी घर मामले में अरविंद केजरीवाल पर मंडराया संकट, विशेषाधिकार समिति ने 6 मार्च को बुलाया

http://Arvind Kejriwal faces trouble in the gallows case, Privileges Committee summons him on March 6

Arvind Kejriwal faces trouble in the gallows case, Privileges Committee summons him on March 6th

‘फांसी घर’ मामले में विशेषाधिकार समिति ने अरविंद केजरीवाल और अन्य को दिया अंतिम अवसर

समिति की अगली बैठक 6 मार्च 2026 को की गई निर्धारित

अरविंद केजरीवाल और अन्य ने लिखित जवाब देकर कर समिति के समक्ष पेश होने के लिए मांगा समय

sandhyamidday@नई दिल्ली@दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, राम निवास गोयल और राखी बिरला को ‘फांसी घर’ मामले में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने और अपना पक्ष रखने के लिए अंतिम अवसर देने का निर्णय लिया है। समिति ने इस अंतिम उपस्थिति के लिए 6 मार्च 2026 की तिथि निर्धारित की है। यह निर्णय आज हुई विशेषाधिकार समिति की बैठक में लिया गया, जिसमें चारों व्यक्तियों द्वारा प्रस्तुत लिखित जवाब पर विचार किया गया। इन उत्तरों में उन्होंने अपना पक्ष के लिए कुछ दिनों की मोहलत मांगी है।

विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष प्रद्युम्न सिंह राजपूत ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने लिखित जवाब में 2, 3, 4, 5 या 6 मार्च में से किसी भी दिन पेश होने का समय मांगा है। इसी तरह, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, पूर्व दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल और पूर्व उपाध्यक्ष राखी बिरला ने भी कुछ दिनों का समय मांगा है। समिति ने इन अनुरोधों को स्वीकार करते हुए यह सुनिश्चित करने के लिए अंतिम तिथि 6 मार्च तय की है जिससे जांच प्रक्रिया में और देरी न हो।

यह मामला मूल रूप से दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता द्वारा उठाया गया था। यह 9 अगस्त 2022 को दिल्ली विधानसभा परिसर के भीतर उद्घाटन किए गए ‘फांसी घर’ की प्रमाणिकता से संबंधित है। विशेषाधिकार समिति को उद्घाटन से जुड़ी परिस्थितियों का तथ्यात्मक और प्रक्रियात्मक मूल्यांकन करने और मामले की जांच करने का निर्देश दिया गया था। इन सभी को विशेषाधिकार समिति के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए कई मौके दिए गए थे लेकिन वे पिछले दिए गए सभी अवसरों पर समिति के समक्ष उपस्थित नहीं हुए।

समिति ने पारदर्शिता, जवाबदेही और संस्थागत अखंडता सुनिश्चित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। समिति ने इस बात पर ज़ोर दिया कि निष्पक्ष और व्यापक जांच को पूरा करने के लिए संबंधित सभी व्यक्तियों का सहयोग देना अनिवार्य है।

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