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Thursday, January 22, 2026
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UP : योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, परिवार के बीच दान अब सस्ता, स्टाम्प महज 5000 रुपए

http://Yogi cabinet takes major decision: gifting property within the family is now cheaper, stamp duty reduced to just 5000 rupees.

सीएम योगी की अध्यक्षता में कैबिनेट में 13 अहम फैसले, स्टॉम्प व रजिस्ट्रेशन के नियमों में छूट

Sandhyamidday@लखनऊ। उत्तरप्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले जनता को सौगात देने की शुरूआत हो गई है। मंगलवार को लखनऊ में सरकार के लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में यूपी कैबिनेट की मीटिंग हुई। इस दौरान स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन, उद्योग, परिवहन समेत कई विभागों के 13 प्रस्तावों पर मुहर लग गई हे। योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, परिवार के बीच संपत्ति दान हुआ सस्ता, जीसीसी नीति की एसओपी को भी मंजूरी

यहां जानिए फैसले
योगी कैबिनेट ने परिवार के बीच संपत्ति दान पर बड़ी राहत दी है. अब कृषि, आवासीय के साथ व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों के दान पर भी अधिकतम पांच हजार रुपये स्टाम्प शुल्क लगेगा. साथ ही जीसीसी नीति 2024 की एसओपी को मंजूरी देकर प्रदेश में निवेश और रोजगार बढ़ाने का रास्ता साफ किया गया है.लखनऊ में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार ने दो अहम फैसले लिए. पहला फैसला पारिवारिक संपत्ति हस्तांतरण को आसान बनाने से जुड़ा है, जबकि दूसरा फैसला प्रदेश को ग्लोबल सर्विस हब बनाने की दिशा में जीसीसी नीति से संबंधित है. इन दोनों निर्णयों को आम जनता, निवेश और रोजगार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

5000 रुपए स्टॉम्प
कैबिनेट ने परिवार के सदस्यों के बीच निष्पादित अचल संपत्ति के दान विलेख पर स्टाम्प शुल्क में दी जा रही छूट के दायरे को और व्यापक करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. अब पारिवारिक सदस्यों के बीच व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों के दान पर भी अधिकतम पांच हजार रुपये ही स्टाम्प शुल्क देना होगा. इससे पहले यह छूट केवल कृषि और आवासीय संपत्तियों तक सीमित थी. भारतीय स्टाम्प अधिनियम 1899 के तहत दान विलेख पर संपत्ति के मूल्य के अनुसार स्टाम्प शुल्क देय होता है और रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1908 के अनुसार अचल संपत्ति के दान का पंजीकरण अनिवार्य है. स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन अनुभाग की तीन अगस्त 2023 की अधिसूचना के जरिए पारिवारिक दान पर स्टाम्प शुल्क को अधिकतम पांच हजार रुपये तक सीमित किया गया था. अब योगी कैबिनेट के फैसले से यह राहत व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों पर भी लागू कर दी गई है.

शहर में सात प्रतिशत और गांव में पांच प्रतिशत स्टाम्प शुल्क से मिली राहत
स्टांप तथा पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया कि वर्ष 2022 से पहले पारिवारिक रिश्तों में संपत्ति दान करने पर पूरे सर्किल रेट के अनुसार स्टाम्प शुल्क देना पड़ता था. मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह तय किया गया कि पारिवारिक दान पर केवल पांच हजार रुपये स्टाम्प शुल्क लिया जाएगा. पहले शहरों में कॉमर्शियल प्रॉपर्टी पर सात प्रतिशत और गांवों में पांच प्रतिशत स्टाम्प शुल्क लगता था, लेकिन अब गांव या शहर कहीं भी पारिवारिक दान पर केवल पांच हजार रुपये ही देने होंगे.

कैबिनेट के निर्णय में रिश्तेदारों की परिभाषा और अन्य प्रावधानों को भी स्पष्ट किया गया है, ताकि नियमों के क्रियान्वयन में किसी तरह का भ्रम न रहे. यह छूट अधिसूचना के राजपत्र में प्रकाशित होने की तिथि से तत्काल प्रभाव से लागू होगी. सरकार का मानना है कि इससे पारिवारिक संपत्ति का वैधानिक हस्तांतरण बढ़ेगा और विवादों में कमी आएगी.

जीसीसी नीति की एसओपी को भी मंजूरी, निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
इसी कैबिनेट बैठक में स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग से जुड़े दो अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई. कुशीनगर के कप्तानगंज तहसील में उप निबंधक कार्यालय भवन के निर्माण के लिए 0.0920 हेक्टेयर भूमि नि:शुल्क हस्तांतरित की जाएगी. वर्तमान में कार्यालय जर्जर भवन में संचालित है. इसके अलावा झांसी में उप निबंधक कार्यालय सदर और अभिलेखागार के निर्माण के लिए 0.0638 हेक्टेयर भूमि आवंटित करने को भी स्वीकृति दी गई है। दोनों मामलों में भूमि पर स्टाम्प और पंजीकरण शुल्क से पूरी तरह छूट दी जाएगी.

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