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Friday, October 2, 2026
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दिल्ली से मुंबई तक सड़कों पर विरोध, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली से मुंबई तक प्रदर्शन, हिरासत में सैकड़ों, एसआईआर पर विपक्ष का दबाव तेज

http://Protests against Gyanesh Kumar from Delhi to Mumbai, hundreds detained; opposition pressure mounts over the appointment.

sandhyamidday@नई दिल्ली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर शुक्रवार, 2 अक्टूबर को देश की राजधानी दिल्ली से लेकर मुंबई तक विरोध-प्रदर्शन हुए। विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और युवाओं के साथ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने भी आंदोलन किया। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची में बदलाव और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

जंतर-मंतर पर भारी पुलिस बल, 700 से ज्यादा हिरासत में

दिल्ली में जंतर-मंतर के आसपास सुबह से ही सुरक्षा कड़ी रही। आम आदमी पार्टी, युवा कांग्रेस, आइसा, एसएफआई और अन्य संगठनों के कार्यकर्ता प्रदर्शन के लिए पहुंचे। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोका और बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 700 से अधिक रही। इनमें आप नेता आतिशी, सौरभ भारद्वाज, संजय सिंह और अन्य राजनीतिक कार्यकर्ता भी शामिल थे।

प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू की गई। मध्य दिल्ली के कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार भी सुरक्षा कारणों से बंद किए गए। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती के साथ जंतर-मंतर तथा आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग की गई।

मुंबई में सीजेपी का प्रदर्शन

मुंबई में सीजेपी ने शिवाजी पार्क से प्रदर्शन शुरू किया। संगठन की ओर से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ एसआईआर के तहत हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने और वर्ष 2025 की मतदाता सूची को बनाए रखने की मांग उठाई गई। प्रदर्शन में युवाओं की बड़ी संख्या दिखाई दी।

मुंबई में हुए प्रदर्शन को लेकर पुलिस की ओर से भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में इसे चुनाव आयोग के खिलाफ चल रहे व्यापक विरोध के अगले चरण के रूप में बताया गया है।

आंदोलन अब देशव्यापी अभियान की ओर

2 अक्टूबर के प्रदर्शनों के साथ यह मुद्दा दिल्ली और मुंबई तक सीमित नहीं रहा। इंडिया ब्लॉक ने 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर के जिलों में ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च आयोजित करने की घोषणा की है। इसके अलावा 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों की ओर से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च की योजना भी बताई गई है।

कांग्रेस और उसके सहयोगी दल एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाताओं के नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल हैं। दूसरी ओर, इन आरोपों पर चुनाव आयोग की ओर से दिए गए जवाब और प्रक्रिया को लेकर उसका पक्ष भी इस पूरे विवाद का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

गांधी जयंती पर सियासी टकराव

गांधी जयंती के दिन हुए इन प्रदर्शनों ने चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच चल रहे विवाद को और राजनीतिक रूप दे दिया है। एक तरफ विपक्ष ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग कर रहा है, वहीं आंदोलन के कारण राजधानी में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई।

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