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Sunday, October 4, 2026
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MP को नशा मुक्त करने का लक्ष्य, अमित शाह का बड़ा ऐलान, कहा- 31 दिसंबर 2029 तक नशा मुक्त राज्य मध्यप्रदेश

http://Goal to make MP drug-free; Amit Shah makes a major announcement, stating that Madhya Pradesh will be a drug-free state by December 31, 2029.


तीन साल में नशामुक्त होगा मध्यप्रदेश, 31 दिसंबर 2029 की समयसीमा


गौपालन सम्मेलन में अमित शाह का बड़ा ऐलान—50 लाख लीटर दूध संकलन का लक्ष्य, श्वेत क्रांति 2.0 में एमपी में सबसे ज्यादा डेयरियां


sandhyamidday@भोपाल। मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार ने राज्य के सामने स्पष्ट समयसीमा रखी है। भोपाल में आयोजित गौपालन सम्मेलन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि 31 दिसंबर 2029 से पहले मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बेटे-बेटियों के भविष्य को नशे से बचाने के लिए सरकार नशे के खिलाफ निर्णायक अभियान चला रही है। शाह ने इसके साथ ही मध्यप्रदेश को दुग्ध उत्पादन और सहकारिता के क्षेत्र में भी देश का प्रमुख केंद्र बनाने का आह्वान किया।


50 लाख लीटर दूध संकलन का संकल्प
शाह ने सम्मेलन में मौजूद गोपालकों से 50 लाख लीटर दूध संकलन के लक्ष्य को पूरा करने के लिए हाथ उठाकर संकल्प लेने को कहा। उन्होंने कहा कि श्वेत क्रांति को गांव-गांव तक पहुंचाना है और गोपालकों को सहकारी व्यवस्था से जोड़कर उनकी आय बढ़ानी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश में फिलहाल करीब 12 लाख लीटर दूध का संकलन हो रहा है, जिसे बढ़ाकर 50 लाख लीटर तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने में पशुपालन और दूध उत्पादन की बड़ी भूमिका है।


35 से 55 रुपए तक पहुंचा दूध का भाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बिचौलियों के कारण किसानों को दूध का उचित मूल्य नहीं मिल पाता था। पहले करीब 35 रुपए प्रति लीटर की दर से दूध खरीदा जाता था, जबकि सहकारी समितियों के माध्यम से अब करीब 55 रुपए प्रति लीटर तक का भाव मिल रहा है। इससे किसान और गोपालक के बीच का बड़ा अंतर कम हुआ है।

शाह ने कहा- सहकारिता अर्थ व्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम
अमित शाह ने कहा कि खुले बाजार में दूध बेचने पर गोपालक को हमेशा उचित भाव नहीं मिल पाता, लेकिन सहकारी व्यवस्था में शामिल होने से दूध के लिए बेहतर और अधिक व्यवस्थित बाजार उपलब्ध होता है। उन्होंने कहा कि सहकारिता को मजबूत करना गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम है।


श्वेत क्रांति 2.0 में 75 हजार नई डेयरियां
शाह ने कहा कि श्वेत क्रांति 2.0 के तहत देश में 75 हजार नई डेयरियां स्थापित की जाएंगी। इसमें मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा डेयरियां बनाने पर जोर रहेगा। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और किसानों की आय के नए अवसर तैयार होंगे।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में गोबर भी किसानों के लिए आय का माध्यम बनेगा। गोबर की एक-एक मात्रा का आर्थिक उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे गौपालन को केवल दूध उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय उससे जुड़े अन्य उत्पादों से भी आय बढ़ाई जा सकेगी।


50 एकड़ में बनेगा आधुनिक गौपालन केंद्र
अमित शाह ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से 50 एकड़ भूमि मांगी थी, जिस पर गौपालन से जुड़ी आधुनिक व्यवस्था विकसित की जा सके। मुख्यमंत्री ने इसके लिए सैद्धांतिक सहमति दी है। प्रस्तावित केंद्र में आधुनिक गौपालन, प्रशिक्षण और इससे जुड़ी तकनीकी व्यवस्थाओं को विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा।


गुजरात से पीछे, उत्पादकता बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में पशुधन की पर्याप्त उपलब्धता के बावजूद दूध उत्पादन में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है। उन्होंने गुजरात का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पशुधन की संख्या कम होने के बावजूद दूध उत्पादन मध्यप्रदेश से करीब एक चौथाई अधिक है। इसलिए प्रदेश में पशुओं की संख्या के साथ प्रति पशु दूध उत्पादन बढ़ाना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों से लगातार संवाद कर रही है। इस वर्ष को कृषक वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है और गरीब, किसान तथा युवा सहित हर वर्ग की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर काम किया जा रहा है।


कुपोषण के खिलाफ भी डेयरी बनेगी हथियार
अमित शाह ने कहा कि दुग्ध क्षेत्र को मजबूत करने का लाभ केवल किसानों की आय तक सीमित नहीं रहेगा। दूध और दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता बढ़ने से कुपोषण के खिलाफ लड़ाई को भी मजबूती मिलेगी। बच्चों और परिवारों के पोषण स्तर में सुधार के लिए डेयरी क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।


2047 तक भारत को हर क्षेत्र में नंबर वन बनाने का लक्ष्य
शाह ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को हर क्षेत्र में दुनिया में नंबर वन बनाने का लक्ष्य है। इसके लिए गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत करना जरूरी है। सहकारिता, कृषि और पशुपालन को आधुनिक तकनीक से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

उन्होंने गोपालकों से श्वेत क्रांति को आगे बढ़ाने में सक्रिय भागीदारी की अपील की। सम्मेलन में दूध उत्पादन बढ़ाने, सहकारी समितियों के विस्तार और आधुनिक गौपालन व्यवस्था विकसित करने के साथ युवाओं को नशे से बचाने का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया।


नशे के खिलाफ तय हुई डेडलाइन
गौपालन सम्मेलन में शाह का 31 दिसंबर 2029 तक मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने का ऐलान राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तर पर महत्वपूर्ण संदेश के रूप में सामने आया। सरकार के सामने अब नशे की तस्करी रोकने, नशे की उपलब्धता पर प्रभावी कार्रवाई करने और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए अभियान को परिणाम तक पहुंचाने की चुनौती होगी।

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