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Monday, May 11, 2026
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1 साल तक मत खरीदो सोना, क्योंकि हर दिन 2000 करोड़ का सोना खरीदते हैं भारतीय, पूरा सोना आता है विदेश से, इसलिए भारतीय रुपया हो रहा कमजोर

http://Every day, Indians buy gold worth between ₹2,000 crore and ₹2,200 crore. Indians’ fascination with gold is so strong that it continues to grow. Purchases have increased by 29 percent in the last three months alone.

पीएम नरेंद्र मोदी ने भारतीयों से 1 साल तक सोना ना खरीदने की अपील की है। वजह यह की हर दिन भारतीय 2000 करोड़ से 2200 करोड रुपए तक का सोना खरीदते हैं। भारतीयों का सोने का प्रति आकर्षण इतना ज्यादा है कि यह और लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले तीन महीना में ही 29 फ़ीसदी की खरीदारी बढ़ी है। भारत अपना पूरा सोना विदेश से आयात करता है, इसलिए इस सोने को खरीदने के लिए उसे विदेशी मुद्रा देना पड़ती है, जिससे भारतीय रुपया कमजोर होता है। भारत सरकार ने भारतीय रूपए को डॉलर के मुकाबले स्थित करने की कोशिशें के तहत सोना ना खरीदने की अपील की है।

sandhyamidday@newdelhi@पीएम मोदी नरेंद्र मोदी ने एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि राष्ट्रहित में विदेशी मुद्रा बचाना जरूरी है. ऐसा करने से आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा. पीएम मोदी की ये अपील उस संकट के बीच आई है जिसकी वजह से पश्चिम एशिया टेंशन में है. ईरान अमेरिका के बीच तनाव सुलझा नहीं है और होर्मुज पर बातचीत अटकी हुई है. इस बीच पीएम की इस अपील ने हलचल इसलिए बढ़ा दी, क्योंकि भारत दुनिया में चीन के बाद सोने का दूसरा का सबसे बड़ा ग्राहक है.

भारत में शादी हो, त्योहार हो, निवेश हो या खुशी का कोई और मौका. सबसे पहले लोग सोना ही खरीदते हैं. घरेलू उत्पादन कम होने की वजह से भारत सोने को लगभग पूरी तरह से आयात ही करता है. यही आयात देश की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनता है. हर साल देश को अरबों डॉलर विदेश भेजने पड़ते हैं. इससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार कम होता है और रुपये पर दबाव बढ़ता है.

भारत में कहां से आता है सोना?

भारत में हर साल सोने की खपत तकरीबन 800 से 900 टन है, इसके मुकाबले यहां सोने का खनन नाम मात्र ही होता है. ऐसे में अपनी जरूरत का तकरीबन पूरा हिस्सा ही भारत को आयात करना होता है. इसका सबसे बड़ा हिस्सा भारत स्विटजरलैंड से मंगाता है, जो तकरीबन 40 प्रतिशत तक है. इसके अलावा 16 प्रतिशत सोना संयुक्त अरब अमीरात और 10 प्रतिशत साउथ अफ्रीका से आता है. 8% पेरू से और शेष 26 प्रतिशत सोना हॉन्ग कॉन्ग व अन्य देशों से आता है.

रोज कितना सोना खरीदते हैं भारतीय

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हर दिन तकरीबन 2.2 टन सोना खरीदा जाता है, यानी 2000 से 2200 करोड़ की खरीद फरोख्त होती है. इनमें ज्यादा हिस्सा ज्वैलरी का होता है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की ही 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक उस साल सोने का कुल आयात 724 टन हुआ था. इसमें 563 टन सोना ज्वैलरी के रूप में बिका था और बाकी सोना बिस्किट और सिक्के के तौर पर बिका था.

दरअसल भारत में सोने की सबसे ज्यादा खपत शादी-ब्याह में होती है.  भारत मेंहर साल तकरीबन 1 करोड़ शादियां होती हैं. एक शादी के बजट का 20 से 30 प्रतिशत तक सोने पर ही खर्च होता है. इसके अलावा गांवों में आज भी सोने को निवेश के तौर पर सबसे अच्छा माना जाता है. अक्षय तृतीया और दीपावली (धनतेरस) जैसे त्योहारों पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है, जो मांग को अचानक बढ़ा देता है.

देश पर क्यों बोझ बन रहा सोना?

भारत को विदेशों से पहले के मुकाबले महंगा और ज्यादा मात्रा में सोना खरीदना पड़ रहा है. वित्त वर्ष 2025-2026 में अप्रैल से फरवरी के बीच भारत ने तकरीबन 69 अरब डॉलर का सोना आयात किया है. यानी तकरीबन 6 लाख करोड़ रुपये का सोना, जबकि इससे एक साल पहले इस दौरान भारत ने 53.5 अरब डॉलर का सोना आयात किया था.

यानी महज एक साल में ही सोने के आयात पर देश का खर्च तकरीबन 29 प्रतिशत तक बढ़ गया. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की बढ़ती कीमतों की वजह भारत को कहीं ज्यादा विदेशी मुद्रा चुकानी पड़ी. ये मुद्रा भारत अपने विदेशी मुद्रा भंडार से ही देता है. इससे रुपये पर दबाव बढ़ता है और ये कमजोर पड़ता है. इसके अलावा सोने के ज्यादा आयात की वजह से भारत को व्यापार घाटा भी उठाना पड़ता है.

RBI की एक रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2026 में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 40 अरब डॉलर से अधिक की गिरावट आई है. सोने का आयात कम होगा तो डॉलर बाहर कम जाएगा और विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ेगा. इससे रुपये की कीमतें भी स्थिर होंगीं.

भारत में कहां से आता है गोल्ड... कितने की होती है रोज खरीदारी

रिजर्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार पिछले वित्तीय वर्ष में अप्रैल से दिसंबर के बीच कुल चालू खाता घाटा 30.1 अरब डॉलर तक रहा था. इसकी प्रमुख वजह सोने का आयात ही था. इसके अलावा भारत के व्यापार घाटे में भी बढ़ोतरी हुई है.

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