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Monday, May 11, 2026
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UP election : SIR के बाद अब EVM के खिलाफ मोर्चा, अखिलेश यादव बोले- साल लगे या सदी, हम EVM हटा कर रहेंगे

http://Questions were raised again about EVM, with Akhilesh Yadav saying, “EVM are not reliable. Whether it takes a year or a century to remove EVM, we will do so.”

sandhyamidday@up@समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने कहा है कि साल लगे या सदी, हम EVM को हटाकर रहेंगे. जिस प्रकार इंग्लैंड में बैलेट पेपर से वोट डाले गए हैं, इसी तरह भारत में भी बैलेट पेपर से वोट डाले जाए।

गौरतलब है कि इससे पहले अखिलेश यादव SIR को लेकर मोर्चा खोल चुके हैं। यूपी में SIR के तहत लाखों नाम काटने को लेकर अखिलेश ने चुनाव आयोग पर कई आरोप लगाए थे। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में 2027 में होना है, इस कारण अब उत्तर प्रदेश में सिर और EVM को लेकर चुनावी दंगल में  आरोप तेज हो गए हैं। इसी सिलसिले में अखिलेश यादव ने अब EVM को लेकर मोर्चा खोला है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शक कोई गुंजाइश नहीं है। जब EVM पर शक है तो फिर इसे कैसे और चलाया जाए। आज तो गरीब आदमी भी यह जान गया है कि स्मार्ट मीटर को दूर से ही मेनूपेलेट किया जा सकता है। जब एक स्मार्ट मीटर को दूर से मैनिपुलेट किया जा सकता है तो क्या EVM को नहीं किया जा सकता. हम EVM के पक्ष में नहीं है, evm के खिलाफ हम लड़ाई लड़ रहे हैं. अब आज नहीं तो कल, भले ही साल लगे या सदी, लेकिन हम EVM को हटाकर रहेंगे। यह बात उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने EVM को लेकर शंका जाहिर की. साथ ही पश्चिम बंगाल में भी एवं के जरिए खेल होने की बात कही है।

योगी पर निशाना

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बयान दिया है। उन्होंने तंज भरे लहजे में एक्स पर बयान दिया कि आखिरी 9 महीनों में ये मंत्री क्या कर लेंगे जब 9 साल में ये सरकार कुछ न कर सकी। उन्होंने सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट शेयर करके योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता ये भी पूछ रही है कि आखिरी 9 महीनों में ये मंत्री क्या कर लेंगे जब 9 साल में ये सरकार कुछ न कर सकी. ये भी केवल वही करेंगे जो बीजेपी सरकार ने किया है. उन्होंने कहा कि जनता सवाल पूछ रही है कि उप्र में मंत्रिमंडल में केवल 6 रिक्तियां हैं, इससे ज्यादा तो दूसरे दल से पाला बदल कर आए लोग हैं, क्या उन सभी को मंत्री पद से नवाजा जाएगा?

अखिलेश यादव ने कहा कि उनमें से सबसे कमजोर को चुना जाएगा जिससे कि उसकी कमजोरी कुछ कम हो जाए? एक समाज के कई विधायकों में से किसी एक को चुना जाएगा तो चुनने का आधार क्या होगा? अगर ऐसा हुआ तो बाकी दल-बदलुओं का क्या होगा? उनकी उपेक्षा व अपमान को क्या कुछ ले-देकर शांत करा जाएगा? या उन्हें भी ये अहसास करा दिया जाएगा कि भाजपा किसी की सगी नहीं है? ⁠बाकी छूटे हुए लोग क्या अपने को ठगा सा महसूस नहीं करेंगे? वो अपने चुनाव क्षेत्र में मुंह दिखाने लायक बचेंगे क्या? ⁠

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