- अनिल बलूनी बने संचार विभाग के समन्वयक, मीडिया के साथ सोशल मीडिया भी दायरे में
- आशीष ऊषा अग्रवाल को राष्ट्रीय मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी, 37 दिन में दूसरी बड़ी भूमिका
- मध्यप्रदेश से निकला मीडिया प्रबंधन अब राष्ट्रीय संगठन के केंद्र में
sandhyamidday@ नईदिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सिन्हा ने केंद्रीय संगठन में मीडिया और संचार व्यवस्था को नया स्वरूप देते हुए अनिल बलूनी और आशीष ऊषा अग्रवाल को नई जिम्मेदारियां दी हैं। पार्टी ने राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी को संचार विभाग का समन्वयक बनाया है, जबकि मध्यप्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष ऊषा अग्रवाल को राष्ट्रीय मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है। दोनों नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू की गई हैं।
बलूनी की भूमिका छोटी नहीं, दायरा बड़ा
बलूनी अब राष्ट्रीय मीडिया संयोजक की जगह संचार विभाग के समन्वयक होंगे। नए ढांचे में संचार विभाग के दायरे में पार्टी का राष्ट्रीय मीडिया और सोशल मीडिया तंत्र भी आएगा। यानी पारंपरिक मीडिया और डिजिटल संचार के बीच समन्वय की जिम्मेदारी एक केंद्रीय भूमिका में लाई गई है।
राजनीतिक तौर पर इसका महत्व इसलिए है कि भाजपा के सार्वजनिक संवाद में अब टीवी-प्रिंट मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म को अलग-अलग देखने के बजाय एकीकृत संचार व्यवस्था बनाने की कोशिश दिखाई देती है। बलूनी के पास अब मीडिया प्रबंधन से आगे पार्टी के व्यापक संचार तंत्र के बीच तालमेल की भूमिका होगी।
आशीष अग्रवाल को 37 दिन में राष्ट्रीय कमान
मध्यप्रदेश के आशीष ऊषा अग्रवाल के लिए यह तेज संगठनात्मक उन्नति है। 17 अगस्त 2026 को उन्हें राष्ट्रीय मीडिया विभाग में सह-संयोजक बनाया गया था। करीब 37 दिन बाद उन्हें उसी विभाग का संयोजक बना दिया गया। वह अब उस पद पर होंगे, जो इससे पहले बलूनी संभाल रहे थे।
ऐसी तेज तरक्की
आशीष अग्रवाल का संगठनात्मक अनुभव मुख्य रूप से मध्यप्रदेश भाजपा की मीडिया व्यवस्था से जुड़ा रहा है। वह 2017 में प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट, 2021 में प्रदेश प्रवक्ता और अप्रैल 2023 से प्रदेश मीडिया प्रभारी रहे। 2023 विधानसभा और 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान भी उनकी भूमिका प्रदेश के मीडिया प्रबंधन में रही।
एमपी कनेक्शन भी महत्वपूर्ण
आशीष अग्रवाल को राष्ट्रीय मीडिया की कमान मिलने के साथ ही मध्यप्रदेश भाजपा ने अपना प्रदेश मीडिया प्रभारी भी बदल दिया है। रायसेन के बृजगोपाल लोया को यह जिम्मेदारी दी गई है। यानी राष्ट्रीय स्तर पर आशीष अग्रवाल की भूमिका बढ़ी और प्रदेश में उनके स्थान पर नई व्यवस्था बनाई गई।
यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब भाजपा ने राज्यों के प्रभारी-सह प्रभारी भी बदले हैं और मध्यप्रदेश की जिम्मेदारी त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब को दी है। इससे पार्टी के संगठन और संचार दोनों स्तरों पर नई टीम के साथ काम करने की शुरुआत होगी।
राजनीतिक संकेत : संदेश कौन देगा और कैसे देगा
इस फेरबदल को केवल पदों की अदला-बदली के रूप में देखने के बजाय भाजपा की संचार व्यवस्था के पुनर्गठन के तौर पर पढ़ा जा सकता है। बलूनी को व्यापक संचार समन्वय और आशीष अग्रवाल को मीडिया की प्रत्यक्ष कमान देना जिम्मेदारियों का विभाजन है।
आने वाले समय में इसका असर खासकर चुनावी राज्यों में दिखाई दे सकता है। 2027 में उत्तर प्रदेश और पंजाब तथा 2028 में मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में चुनाव हैं। ऐसे में केंद्रीय संदेश, प्रदेशों की राजनीतिक प्रतिक्रिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पार्टी के संवाद के बीच तालमेल महत्वपूर्ण संगठनात्मक काम होगा।

