सेंट्रल इंडिया प्रेस क्लब का अलंकरण समारोह
वरिष्ठ पत्रकारों को लाइफ टाइम अचीवमेंट सम्मान
पत्रकारिता की मौजूदा स्थितियों पर हुआ संवाद
sandhyamidday@Bhopal@पत्रकारिता के सामने आज के माहौल में जो चुनौतियां घुली हुई हैं,उनसे निपटने के लिए मैदानी पत्रकारों,संस्थानों को ज्यादा साहस जुटाना होगा और सामाजिक-राजनीतिक व प्रशासनिक क्षेत्र को अपना नजरिया बदलना होगा। इसी आधार पर पत्रकारिता की आने वाली पीढियां बेहतर संस्कार और विचार पा सर्केंगी।
सेंट्रल इंडिया प्रेस क्लब के राष्ट्रीय मीडिया संवाद में पत्रकारिता और राजनीति से जुड़ी हस्तियों ने जो कुछ कहा,उसका यही सार रहा। यह आयोजन भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागर ‘मिंटो हाल’ में हुआ। इस दौरान पत्रकारिता में चालीस से पचास वर्ष गुजार चुके पत्रकारों को लाइफ टाइम अचीवर्मेंट अवार्ड से नवाजा गया, खास बात यह रही कि इस कार्यक्रम में जनसंपर्क विभाग में आयुक्त रहे आईएएस अफसरों का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम-संवाद में मप्र समेत राजस्थान,उप्र,दिल्ली के पत्रकार मौजूद रहे।
मीडिया संवाद में वरिष्ठ पत्रकार महेश श्रीवास्तव ने कहा कि सत्ता डराने की कोशिश करती है लेकिन तमाम आशंकाओं के बावजूद यदि पत्रकारिता को पूरी निष्ठा से किया जाए तो राजनेताओं समेत हर वर्ग का आदर मिलता है। विजयदत्त श्रीधर ने कहा कि पत्रकारिता ने मप्र में और देशभर में अपने तरीकों से समय समय पर अपनी प्रभावी मौजूदगी दर्ज कराई है। यह सिलसिला जारी है।
संवाद के दौरान वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव ने पत्रकारिता की दशा पर दोटूक अंदाज में बात रखी, उन्होंने कहा कि सत्ता से प्रभावित या आक्रांत होकर पत्रकारिता नहीं की जानी चाहिए, न ही समाज इसकी अपेक्षा कभी करता है। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत विडंबना यह है कि भारतीय पत्रकारिता में जो कुछ परोसा जा रहा है वह सिर्फ एक पक्ष है और एकपक्षीय बातों को सच नहीं माना जा सकता। यही वजह है कि गोदी पत्रकारिता जैसे जुमले चल पड़े हैं। राहुल देव ने सत्तापोषित खबरनवीस या सत्ता से प्रभावित विचारों को सैध्दांतिक रूप से गलत करार दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और मप्र विस के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मौजूदा दौर में खुद को निखारने के लिये पत्रकारों को आत्मचिंतन और आत्मविश्लेषण करने पर जोर दिया, ताकि पत्रकारिता को समाज व देश के निर्माण के लिये उपयोगी बनाया जा सके।
पूर्व राज्यपाल प्रो कप्तान सिंह सोलंकी ने पत्रकारिता के योगदान को रेखांकित किया लेकिन यह भी कहा कि कभी किसी जगह पर पत्रकारिता किसी और दिशा में भटकती या अटकती नजर आती है। इससे उबारने के लिये पत्रकारों और संस्थान के मालिको को मिलकर प्रयास करना होगा। इससे पहले सेंट्रल इंडिया प्रेस क्लब के अध्यक्ष विजयकुमार दास ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला और निष्पक्ष व निर्भीक पत्रकारिता के कालखंडों का उल्लेख किया,उन्होंने कहा कि कई मौके पर पत्रकारों ने सत्ता व सिस्टम से टकराने का साहस दिखाया है और इसके चलते कई बार सरकार को बैकफुट पर भी आते हुए देखा गया है। क्लब ने इसीलिये नये और पुराने पत्रकारों को एक छत के नीचे एकत्र करने का प्रयास किया है, ताकि पुरानी पीढी से नई पीढी भी पत्रकारिता के सबक सीख सके। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला,मंत्री विश्वास सारंग,पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी,समाजवादी नेता रघु ठाकुर, पत्रकारिता विवि के कुलगुरू विजय मनोहर तिवारी व भाजपा नेता राहुल कोठारी मौजूद थे।
लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार:
मुख्यअतिथि नरेंद्र सिंह तोमर व कप्तान सिंह सोलंकी ने वरिष्ठ पत्रकार महेश श्रीवास्तव, विजयदत्त श्रीधर,एनके सिंह,राहुल देव,राजेंद्र शर्मा,प्रमोद गोस्वामी,सुरेश मल्होत्रा,राकेश अचल, रामभुवन सिंह कुशवाह,राजेश बादल, अभिलाष खांडेकर,रविंद्र जैन,कैलाश गौड़,सुधीर सक्सेना, प्रकाश हिंदुस्तानी, ह्दयेश दीक्षित,राजेश सिरोठिया,आत्मदीप,प्रेम पगारे,राजेश पांडे, विजया पाठक,प्रेम पगारे,हरिमोहन मोदी, देव श्रीमाली,आरिफ मिर्जां, अनुराधा त्रिवेदी,अवधेश भार्गव,इरशाद खान,मनोहर बोथरा,राम रावल,राधेश्याम अग्रवाल, सुशील अग्रवाल को दिया। इस मौके पर जनसंपर्क आयुक्त रहे एसके मिश्रा,राकेश श्रीवास्तव को भी सम्मानित किया गया।

