भजन क्लबिंग’ अब केवल सोशल मीडिया का युवा ट्रेंड नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक मौजूदगी वाला कार्यक्रम भी बन गया है।
http://Bhajan Clubbing: PM grooves to a bhajan tune, joined by Gen-Z.
sandhyamidday@नई दिल्ली। भजन सुनने का अंदाज बदल रहा है और अब इसकी झलक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक गतिविधियों में भी दिखाई दे रही है। शुक्रवार को दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय पार्क में आयोजित ‘भजन क्लबिंग’ में प्रधानमंत्री मोदी युवाओं के बीच भक्ति संगीत की धुन पर ताली बजाते और खंजरी बजाते नजर आए। मौका था भारतीय जनसंघ के नेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती का।
जनवरी में पीएम ने दिया था ‘Gen-Z कनेक्शन’ का संकेत
प्रधानमंत्री मोदी पहले ही इस ट्रेंड का उल्लेख कर चुके हैं। जनवरी 2026 की ‘मन की बात’ में उन्होंने कहा था कि Gen-Z के युवा भजन क्लबिंग को अपना रहे हैं और इसे आध्यात्मिकता तथा आधुनिकता का संगम बताया था। यानी सितंबर के कार्यक्रम को केवल एक सांस्कृतिक आयोजन के तौर पर नहीं देखा जा रहा, बल्कि यह उस ट्रेंड की सार्वजनिक मौजूदगी भी दिखाता है जिसका प्रधानमंत्री पहले उल्लेख कर चुके हैं।
राम भजन से ‘पार्वती’ तक
कार्यक्रम में भगवान राम को समर्पित भजन पर मोदी ताली और वाद्ययंत्र बजाते दिखे। बाद में गायक साधु तिवारी ने ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ भक्ति गीत भी प्रस्तुत किया। इस दौरान प्रधानमंत्री युवाओं के बीच संगीत का आनंद लेते नजर आए।
आखिर क्या है ‘भजन क्लबिंग’
भजन और मंत्रों को आधुनिक संगीत के साथ पेश करना
पारंपरिक सत्संग के बजाय कॉन्सर्ट जैसा माहौल
युवाओं का सामूहिक गायन, ताली और नृत्य
Gen-Z में उभरता आध्यात्मिक-सांस्कृतिक ट्रेंड। इसे ही भजन कलबिंग कहते हैं।

