इन नियुक्तियों का सबसे बड़ा संदेश यह है कि भाजपा चुनावी राजनीति के साथ अपने संगठनात्मक ढांचे और संघ से जुड़े नेटवर्क के समन्वय को लगातार महत्व दे रही है।
एमपी-सीजी से यूपी-पंजाब तक संगठन पर फोकस; चंद्रशेखर, जामवाल और कर्मवीर को अहम जिम्मेदारी
sandhyamidday@नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने राज्यों में संगठन की कमान नए सिरे से सजाते हुए एक बार फिर उस व्यवस्था को मजबूत किया है, जिसमें पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीच संगठनात्मक समन्वय महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने गुरुवार को 24 पूर्णकालिक संगठन पदाधिकारियों की नियुक्ति की। बुधवार को प्रदेश प्रभारियों की घोषणा के बाद संगठन महामंत्रियों की नियुक्तियां भाजपा की राज्यों में जमीनी मशीनरी को नए सिरे से व्यवस्थित करने की कवायद के रूप में सामने आई हैं।
भाजपा में संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी परंपरागत रूप से संघ से जुड़े प्रचारकों या पार्टी के पूर्णकालिक संगठन कार्यकर्ताओं को दी जाती रही है। इसलिए इन नियुक्तियों का महत्व केवल पद और जिम्मेदारी बदलने तक सीमित नहीं है। ये चेहरे पार्टी संगठन और संघ परिवार के बीच समन्वय की अहम कड़ी होते हैं। हालांकि किसी व्यक्ति की नियुक्ति को सीधे संघ का निर्णय बताने के लिए अलग से आधिकारिक पुष्टि जरूरी होगी।
एमपी में संघ-भाजपा समन्वय का नया चेहरा
मध्यप्रदेश में राजस्थान के पूर्व प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर को लाकर प्रदेश संगठन महामंत्री बनाया गया है। वहीं मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के क्षेत्र संगठन मंत्री रहे अजय जामवाल को महाराष्ट्र भेजा गया है। झारखंड से कर्मवीर को छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी दी गई है।
मध्यप्रदेश के लिए यह बदलाव इसलिए अहम है क्योंकि राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री संगठन शिवप्रकाश के जिम्मे मध्यप्रदेश के साथ महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, आंध्रप्रदेश और गोवा भी रहेंगे। उनका केंद्र मुंबई होगा। यानी मध्यभारत और पश्चिम भारत के संगठनात्मक कामकाज में एक साझा केंद्रीय समन्वय व्यवस्था बनाई गई है।
यूपी-पंजाब में पुराने संगठन चेहरों पर भरोसा
उत्तरप्रदेश में धर्मपाल और पंजाब में मंत्री श्रीनिवासुलु को यथावत रखा गया है। यह बदलावों के बीच निरंतरता का संकेत है। राजस्थान में चंद्रशेखर के स्थानांतरण के बाद वहां संगठन की नई व्यवस्था बनेगी, जबकि हरियाणा में फणीन्द्रनाथ शर्मा को उत्तराखंड भेजा गया है और दिल्ली के संगठन महामंत्री पवन राणा को हरियाणा की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिली है।
सौदान सिंह को पूर्वी भारत की कमान
राष्ट्रीय स्तर पर सौदान सिंह को राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री संगठन बनाकर बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी दी गई है। उनका केंद्र भुवनेश्वर रहेगा। इसके साथ ही सतीश धोंड को महाराष्ट्र में संगठन की जिम्मेदारी के साथ मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में जनजातीय संपर्क का दायित्व दिया गया है।
संघ का संगठन मॉडल, भाजपा की चुनावी मशीनरी
इन नियुक्तियों का सबसे बड़ा संदेश यह है कि भाजपा चुनावी राजनीति के साथ अपने संगठनात्मक ढांचे और संघ से जुड़े नेटवर्क के समन्वय को लगातार महत्व दे रही है। संगठन महामंत्री सीधे चुनाव नहीं लड़ते, लेकिन कार्यकर्ताओं की सक्रियता, संगठन विस्तार, बूथ स्तर की तैयारी और पार्टी-संघ संवाद में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
एमपी, सीजी, यूपी, पंजाब और राजस्थान जैसे राज्यों में नई जमावट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां संगठन की मजबूती का असर आने वाले राजनीतिक अभियानों में दिखाई देगा। अब नजर इस बात पर होगी कि नई टीम जमीनी कार्यकर्ताओं, संघ नेटवर्क और भाजपा के राजनीतिक नेतृत्व के बीच किस तरह का तालमेल बनाती है।

